रोमांचक पहले टेस्ट में टीम इंडिया को 31 रन से मात देने के बाद इंग्लिश कप्तान बेन स्टोक्स का आत्मविश्वास सातवें आसमना पर है। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने मैच के बाद कहा कि भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला का पहला मैच उतार-चढाव से भरा रहा जो क्रिकेट पारंपरिक प्रारूप के लिए अच्छा है और इसके आलोचकों को भी इस मैच का पुन:प्रसारण देखना चाहिए।
एजबेस्टन में खेला गया यह मैच इंग्लैंड का 1000वां टेस्ट मैच था। जिसमें टीम ने 194 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए 31 रन से जीत दर्ज की। रूट ने कहा, 'यह टेस्ट क्रिकेट का शानदार प्रचार है। जो इसे नीरस मानते है उन्हें इसको फिर से देखना चाहिये। क्या मैच था!'
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है हमने ऐसा ही किया। मुझे इस दल पर फख्र है। इसने श्रृंखला को लेकर उत्सुक्ता और बढ़ा दी है, लार्ड्स टेस्ट का इंतजार है।'
रूट ने अश्विन की तरह ही बल्लेबाजों का बचाव किया करते हुए कहा कि हालात तेज गेंदबाजों के मुफीद थे और दोनों टीम ने इसका फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की टीम ने इस मैच में कई गलतियां की लेकिन जीत का जज्बा कभी कम नहीं हुआ।
रूट ने युवा ऑलराउंडर सैम करन की तारीफ की, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि लॉर्ड्स में होने वाले अगले मैच से पहले टीम चुनते समय वह भावुक होकर निर्णय नहीं लेंगे। उन्होंने कहा, 'करन में बहुत क्षमता है. वह एक उभरते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। अभी भावुक होकर निर्णय लेना आसान है लेकिन हम बाहर बैठकर लॉर्ड्स की पिच के मुताबिक निर्णय लेने की आवश्यकता है।' रूट ने इस मैच की पहली पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी की और 80 रनों का योगदान दिया। हालांकि, दूसरी पारी में वह केवल 14 रन ही बना सके।