इंग्लैंड के टेस्ट कोच ब्रेंडन मैकुलम ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के वनडे से संन्यास लेने के फैसले को पूरी तरह सकारात्मक नजरिए से देखते हैं, लेकिन वह इसको लेकर सुनिश्चित नहीं है कि क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए कहीं यह चलन नहीं बन जाए। विश्व कप 2019 के फाइनल के नायक स्टोक्स ने सोमवार को वनडे से संन्यास लेने की घोषणा करके सभी को चौंका दिया था। उन्होंने कहा था कि तीनों प्रारूपों में खेलना उनके लिए असंभव है।
मैकुलम से जब पूछा गया कि क्या वह स्टोक्स के फैसले से खुश हैं तो उन्होंने कहा- हां मैं उनके फैसले से खुश हूं। मैकुलम से यह भी पूछा गया कि क्या स्टोक्स का कदम दुनिया के अन्य खिलाड़ियों के लिए भी चलन बन जाएगा। इस पर न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने कहा- सभी प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ियों की संख्या कम है। स्टोक्स ऐसा फैसले कर सकते थे, लेकिन यह व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए समय की मांग भी थी और उन्होंने टेस्ट कप्तान की अपनी भूमिका को प्राथमिकता में रखा। मैं नहीं जानता कि यह पूरे विश्व भर में चलन बन जाएगा लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मैं इसे पूरी तरह से सकारात्मक रूप से देखता हूं। मैं अब स्टोक्स के साथ अधिक समय बिताने को लेकर उत्साहित हूं।
स्टोक्स का फैसला कई के लिए चौंकाने वाला रहा क्योंकि वह अभी केवल 31 साल के हैं, लेकिन मैकुलम इसके दूसरे पहलू पर गौर करते हैं। उन्होंने कहा- निश्चित तौर पर हम स्टोक्स को तीनों प्रारूपों में खेलता हुआ देखना चाहते हैं। वह सुपरस्टार हैं और हमने देखा है कि उन्होंने क्या हासिल किया है, लेकिन कभी चीजों के दूसरे पहलू पर भी गौर करना पड़ता है और मैं इसे सकारात्मक रूप से देखता हूं। अब वह टेस्ट टीम को अधिक समय दे पाएंगे।
कैसा रहा स्टोक्स का वनडे करियर
31 साल के स्टोक्स ने 105 वनडे मैचों की 90 पारियों में 2924 रन बनाए। उनका औसत 38.99 और स्ट्राइक रेट 95.09 का रहा। वनडे उनका सबसे बड़ा स्कोर 102 रन का है। उन्होंने इस फॉर्मेट में तीन शतक और 21 अर्धशतक लगाए।
वहीं, गेंद के साथ उन्होंने 88 पारियों में 74 विकेट लिए। उनका इकोनॉमी रेट 6.05 का रहा। गेंद के साथ उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 61 रन देकर पांच विकेट रहा है। उन्होंने अपने करियर में एक बार पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया है।