गत चैंपियन इंग्लैंड और उपविजेता न्यूजीलैंड आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश के लिए बुधवार को सुपर सिक्स में करो या मरो के मुकाबले में आमने-सामने होंगे। दोनों ही टीमों की निगाहें जीत दर्ज करने पर होंगी क्योंकि अंक तालिका में दोनों ही टीमें क्रमश: तीसरे और चौथे नंबर पर हैं। अगर दूसरे स्थान पर काबिज वेस्ट इंडीज टॉप पर कायम ऑस्ट्रेलिया को हरा देता तो दोनों ही टीमों के लिए यह मैच सिर्फ औपचारिकता होगी।
जीत के साथ दुआ की भी जरूरत
2009 वर्ल्ड कप फाइनल तक पहुंचीं दोनों ही टीमों के चार-चार अंक हैं। इंग्लैंड दोबारा खिताब जीतने की उम्मीदें कायम रखना चाहेगा जबकि न्यूजीलैंड की निगाहें भी जीत दर्ज करने पर होगी। साथ ही इन दोनों ही टीमों को यह भी दुआ करनी होगी कि ऑस्ट्रेलिया विंडीज से अपना मैच जीत जाए। अगर ऑस्ट्रेलिया जीत जाता है तो फैसला रन रेट के आधार पर होगा।
विंडीज की जीत से खुला सबका रास्ता
वेस्ट इंडीज के खिलाफ 48 रन से मिली हार के बाद न्यूजीलैंड की कप्तान सूजी बेट्स ने कहा था कि अब सुपर सिक्स का मुकाबला सभी के लिए खुला हो गया है, जिससे इंग्लैंड को फिर मौका मिल गया है और वेस्ट इंडीज भी दौड़ में है। आखिरी मैच से ही समीकरण तय होंगे। वर्ल्ड कप में ऐसा ही होता है।
वेस्ट इंडीज से मिली हार ने हमें बैकफुट पर ला दिया लेकिन हम वापसी करेंगे। इंग्लैंड को हमने अभ्यास मैच में हराया था लिहाजा हमारे हौसले बुलंद है।’ इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के हाथों सिर्फ दो रन से पराजय झेली लेकिन दक्षिण अफ्रीका को 78 रन पर समेटकर धमाकेदार जीत दर्ज की थी। उन्हें कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स से आक्रामक बल्लेबाजी की उम्मीद होगी।