सार
महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टॉस हारते ही इंग्लैंड एक ही संस्करण में सबसे ज्यादा (6) टॉस हारने वाली टीम बन गई। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी ने अपना सातवां टी20 विश्व कप फाइनल खेलकर एलिसा हीली के सबसे ज्यादा फाइनल खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारते ही इंग्लैंड के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया की स्टार ऑलराउंडर एलिस पेरी ने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली।
इंग्लैंड ने बनाया अनचाहा रिकॉर्ड
फाइनल में टॉस हारने के साथ ही इंग्लैंड ने इस टूर्नामेंट में सात मैचों में छठी बार टॉस गंवाया। इसके साथ ही वह एक ही महिला टी20 विश्व कप संस्करण में सबसे अधिक बार टॉस हारने वाली टीम बन गई। इंग्लैंड ने अपने अभियान की शुरुआत श्रीलंका के खिलाफ टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए की थी। इसके बाद आयरलैंड के खिलाफ उसने एकमात्र टॉस जीता। हालांकि, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका (सेमीफाइनल) और अब फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी उसे टॉस में हार का सामना करना पड़ा। दिलचस्प बात यह रही कि टॉस हारने के बावजूद इंग्लैंड ने फाइनल से पहले अपने सभी मुकाबले जीतकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
एलिस पेरी
- फोटो : IANS
एलिस पेरी ने की एलिसा हीली की बराबरी
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी ऑलराउंडर एलिस पेरी ने अपने करियर का सातवां महिला टी20 वर्ल्ड कप फाइनल खेलकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। वह महिला टी20 विश्व कप इतिहास में सबसे अधिक फाइनल खेलने के मामले में अपनी हमवतन एलिसा हीली की बराबरी पर पहुंच गई हैं।
इतिहास बदलने की कोशिश में इंग्लैंड
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच इससे पहले महिला टी20 वर्ल्ड कप के तीन फाइनल खेले जा चुके हैं और हर बार ऑस्ट्रेलिया ने बाजी मारी है। ऐसे में मेजबान इंग्लैंड इस बार इतिहास बदलने के इरादे से मैदान पर उतरी है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया अब तक खेले गए नौ संस्करणों में छह बार विश्व चैंपियन बन चुकी है और एक बार फिर खिताब अपने नाम करने की कोशिश में है।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
इंग्लैंड: नेट सिवर-ब्रंट (कप्तान), एमी जोन्स (विकेटकीपर), डैनी वायट-हॉज, ऐलिस कैप्सी, हीथर नाइट, फ्रेया केम्प, डेनियल गिब्सन, चार्ली डीन, लिंसी स्मिथ, सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन बेल।
ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिन्यूक्स (कप्तान), जॉर्जिया वॉल, बेथ मूनी (विकेटकीपर), फीबी लिचफील्ड, एलिस पेरी, एश्ले गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहम, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, किम गार्थ और लूसी हैमिल्टन।