'बच्चों को नाकामी संभालना सिखाएं'
सहवाग ने बताया, 'बच्चों से सफलता के बजाय स्किल्स पर बात करना जरूरी है। हमें ध्यान रखना होगा कि हम बच्चों को नाकामी को कैसे संभाला जाए, ये सिखाएं। मेरी कोशिश होती है कि मैं बच्चों के साथ अपने क्रिकेट स्किल्स को भी निखार सकूं। बच्चों को पढ़ना भी जरूरी है। इसलिए उनके लिए पहले सीखना जरूरी है। हम अपनी स्कूल में कोशिश करते हैं कि बच्चों को एक स्किल जरूर सीखाएं, जो उसके भविष्य में काम आएं। हम अपने स्कूल में बच्चों को असफलता को कैसे ले यह जरूर सिखाते हैं, क्यों कि क्रिकेट में हर कोई नहीं जा सकता है। हमने उनको सिखाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। किताब और जीवन के अनुभव में फर्क होता है।'