घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रमों की वजह से पिछले लगभग पांच दशक से ज्यादा समय से चली आ रही दलीप ट्रॉफी अंतर-क्षेत्रीय प्रतियोगिता को पहली बार आगामी सत्र के लिए कैलेंडर में शामिल नहीं किया गया है। बीसीसीआई ने 2015-16 के लिए सोमवार को घरेलू कैलेंडर जारी किया।
दिलीप ट्रॉफी को जहां हटा दिया गया है वहीं देवधर ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे सीमित ओवरों के टूर्नामेंट के प्रारूप में भी बदलाव किया गया है। पुरुष और महिला वर्ग में विभिन्न आयु वर्गों में 900 मैचों की घोषणा के दौरान दलीप ट्रॉफी को हटाने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि इस टूर्नामेंट को एक समय चयन ट्रायल के रूप में देखा जाता था।
यह पहला मौका होगा जब 1961-62 में शुरू हुई अंतर-क्षेत्रीय प्रतियोगिता दिलीप ट्रॉफी नहीं खेली जाएगी। बीसीसीआई ने अनिल कुंबले की अगुवाई वाली तकनीकी समिति के सुझावों पर अमल करने का फैसला किया जिसके तहत देवधर ट्रॉफी में पांच दिन में 50 ओवरों के चार मैच खेले जायेंगे। देवधर ट्रॉफी में तीन टीमें खेलेंगी जिनमें विजय हजारे ट्रॉफी की चैंपियन टीम और दो अन्य टीमें होंगी।
विजय हजारे ट्रॉफी वनडे चैंपियनशिप को नॉकआउट आधार पर खेला जाएगा और रणजी ट्रॉफी की तरह टीमों को प्रदर्शन के आधार पर समूहों में बांटा जायेगा। सीजन का अंत ईरानी कप (6 से 10 मार्च) से होगा। ग्यारह मार्च से आईसीसी वर्ल्ड टी-20 शुरू हो रहा है। नए कार्यक्रम में रणजी ट्रॉफी के लीग और नॉकआउट दौर में दो महीने का अंतराल होगा। रणजी ट्रॉफी लीग स्टेज एक अक्तूबर से चार दिसंबर तक होगा जबकि नॉकआउट दौर तीन से 28 फरवरी तक खेला जाएगा।