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खुद को खुदा न समझे बीसीसीआई: सुप्रीम कोर्ट 

Thu, 29 Sep 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नई दिल्ली
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supreme court of india
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 भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को सख्त चेतावनी देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे अदालती निर्देशों का पालन करना चाहिए। दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट संस्था होने का मतलब यह नहीं कि वह खुद को खुदा मान बैठे और कानून से ऊपर हो जाए। बीसीसीआई सुधर जाए, वरना हम सुधार देंगे। बीसीसीआई को शीर्ष अदालत की यह चेतावनी और फटकार न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की शिकायत के बाद मिली है। 
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लोढ़ा समिति ने शिकायत की थी कि बीसीसीआई शीर्ष अदालत के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है और इसके अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर अदालत की अवहेलना करते हुए कई बार अत्यंत आपत्तिजनक बयान दिए हैं। दरअसल, जस्टिस लोढ़ा कमेटी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को 79 पन्नों की अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के आदि को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और पुराने ढर्रे से नए ढर्रे में इस लाने की सिफारिश सुनिश्चित करने के लिए एक प्रशासनिक पैनल का गठन किया जाए। समिति ने अदालत को यह भी बताया कि बीसीसीआई के अब तक के सभी फैसले 18 जुलाई के आदेश के विपरीत रहे हैं इसलिए इन्हें निष्प्रभावी किया जाए। 

लोढ़ा कमेटी की ओर से पेश वकील ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि जुलाई के आदेश का पालन नहीं करने के कारण बीसीसीआई के वरिष्ठ पदों पर काबिज लोगों को तत्काल हटाया जाए। बीसीसीआई अदालती आदेश की अवहेलना कर रहा है और इसे लागू करवाने में भी व्यवधान डाल रहा है। बीसीसीआई उसके ई-मेल का जवाब नहीं दे रहा है।
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BCCI को अदालती निर्देशों का पालन करना ही होगा

अनुराग ठाकुर - फोटो : getty

बीसीसीआई के इस आचरण से खफा चीफ जस्टिस ने कहा, ‘आप (बीसीसीआई) खुदा की तरह बर्ताव कर रहे हैं। निर्देशों का पालन करें, वरना हम आपको सुधार देंगे।’ चीफ जस्टिस के अलावा इस पीठ में न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ भी थे। पीठ ने चेतावनी देते हुए कहा कि बीसीसीआई निर्देशों का पालन न करके सिस्टम की छवि खराब कर रहा है। बीसीसीआई की ओर से वकील अरविंद दातार ने कहा कि बोर्ड ने ज्यादातर निर्देशों का पालन किया है और धीरे-धीरे बाकी निर्देशों को भी अमल में लाएगा। 

जवाब में पीठ ने कहा कि कानून का पालन नहीं करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। पीठ ने कहा कि जो कुछ हो रहा है, वह अच्छा नहीं हो रहा है। हमें अंदेशा था कि बीसीसीआई ऐसा करेगी, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। आपको अदालती निर्देशों का पालन करना ही होगा। पीठ ने बीसीसीआई को 6 अक्तूबर तक लोढ़ा कमेटी द्वारा उच्च पदाधिकारियों को हटाने की गुहार पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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अनुराग और शिर्के को हटाया जाए: लोढ़ा समिति 

लोढ़ा समिति (फाइल फोटो) - फोटो : फाइल फोटो
लोढ़ा समिति ने शीर्ष अदालत में शिकायत दर्ज कराई कि बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर लगातार आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं और कोर्ट की अवमानना कर रहे हैं। इसके अलावा बोर्ड अध्यक्ष और सचिव अजय शिर्के सुप्रीम कोर्ट के 18 जुलाई के निर्देशों तथा लोढ़ा समिति की सिफारिशों के विपरीत फैसले कर रहे हैं। ठाकुर समिति की कई ई-मेल का जवाब भी नहीं दिया और 9 अगस्त को पैनल के समक्ष उपस्थित होने का भी निर्देश नहीं माना। इसके उलट उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि यह समिति सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप कर रही है। लिहाजा इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
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