वीरेंद्र सहवाग को टीम से बाहर किए जाने में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का हाथ बताने के एक दिन बाद ही पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली अपने बयान से पलट गए हैं।
गांगुली ने शनिवार को कहा था कि धोनी के इशारे पर ही सहवाग को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी बचे दो टेस्ट से बाहर किया गया होगा।
रविवार को अपनी सफाई में गांगुली ने कहा कि यह कहना बेहद कठिन होगा कि सहवाग को बाहर किए जाने में धोनी का हाथ होगा। लेकिन प्राय: टीम चयन में कप्तान अपना पक्ष रखते हैं।
चाहे मैं रहा हूं या फिर द्रविड़, सचिन, कुंबले, धोनी, अजहर या फिर दुनिया का कोई भी कप्तान हो, सभी चयनकर्ताओं के सामने अपनी बात रखते हैं। सामान्यतया वह टीम चयन से पहले चयनकर्ताओं को टीम के बारे में बताते हैं।
हालांकि यह निश्चित नहीं है कि चयनकर्ता कप्तान की बात हर समय मान ही लेते हैं। कभी मानते भी हैं और कभी नहीं भी मानते। इसलिए यह कहना बेहद कठिन होगा कि सहवाग को धोनी के इशारे पर ही निकाला गया हो।’
इससे पहले शनिवार को पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा था कि महेंद्र सिंह धोनी के इशारे पर ही वीरू को टीम से बाहर किया गया होगा।
बकौल गांगली, ‘यह कहना गलत होगा कि चयन प्रक्रिया में कप्तान का कोई हाथ नहीं होता है। अगर कप्तान किसी खास खिलाड़ी की मांग करे तो चयनकर्ताओं के लिए उसे ना कहना बेहद कठिन होता है।
भले ही धोनी ने चयन समिति की बैठक में हिस्सा नहीं लिया हो फिर भी उन्होंने चयनकर्ताओं से इस बारे में जरूर बात की होगी। जो भी हो, मैं सहवाग को बाहर किए जाने से बेहद आश्चर्यचकित हूं।’