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छुपे रुस्तम जडेजा पर बड़ा दांव लगाएंगे कप्तान धोनी

Tue, 26 Mar 2013 05:21 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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टीम इंडिया की कमान संभाले हुए महेंद्र सिंह धोनी को पांच साल हो गए हैं। इतने सालों में धोनी ने टीम में हमेशा एक अच्छे आलराउंडर की ख्वाहिश को एक नहीं अनगिनत मौकों पर जाहिर किया है।
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4-0 से श्रंखला जीतने के बाद धोनी के शब्दों से ऐसा लगा कि उनकी यह दिली इच्छा रविंद्र जडेजा के रूप में पूरी होने जा रही है।

धोनी ने संकेत भी दे दिए कि जडेजा को टीम में अब बड़ी भूमिका दी जाने वाली है। कप्तान ने साफ कर दिया है कि इस ऑलराउंडर को सिर्फ भारतीय स्पिन पिचों पर ही नहीं बल्कि विदेशी सरजमीं पर भी एक बल्लेबाज और पांचवें गेंदबाज की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

बल्लेबाजी के दम पर हुआ था चयन
यह धोनी ही हैं जिन्होंने सौराष्ट्र के इस खिलाड़ी की प्रतिभा पर हमेशा विश्वास जताया। हालांकि जब जडेजा को नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट पदार्पण के लिए बुलाया गया तो इसके पीछे उनका शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन नहीं बल्कि इस रणजी सत्र में दो तिहरे शतक थे।
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उनसे सभी ने उम्मीद भी यही लगाई कि वह टेस्ट क्रिकेट में बल्ले से कमाल दिखाएंगे। लेकिन धोनी उनकी गेंदबाजी प्रतिभा से भलीभांति परिचित थे।

पार्ट टाइम गेंदबाज समझते थे लोग
इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में जब उन्होंने तीन विकेट लिए तो सभी ने उन्हें पार्ट टाइम गेंदबाज की संज्ञा दी।

लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रंखला में धोनी ने जडेजा के गले में लटकी इस संज्ञा की तख्ती को उतार फिंकवाया। हालांकि घरेलू क्रिकेट में तीन तिहरे शतकों के साथ उनका बल्लेबाजी रिकार्ड शानदार है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 50 की औसत से तीन हजार रन उनके नाम हैं।

एक सीरीज से जडेजा ने दिल जीता
धोनी ने दिल्ली टेस्ट जीतने के बाद बातों ही बातों में इशारा भी कर दिया कि उन्हें जडेजा की बल्लेबाजी प्रतिभा पर भी पूरा यकीन है।

धोनी ने मैच के बाद कहा कि जडेजा ने गेंद के साथ गजब का काम किया है। अब धीरे-धीरे वह बल्ले से रन बनाने की ओर भी बढ़ रहे हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि टीम के पास इस वक्त एक ऐसा युवा खिलाड़ी मौजूद है जो गेंदबाजी भी कर सकता है और थोड़ी बहुत बल्लेबाजी भी। हालांकि इसके लिए वह थोड़ा वक्त ले सकते हैं।

जब विदेश में या भारतीय उपमहाद्वीप से अलग स्थितियों में टीम खेलेगी तो यह भूमिका बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। साथ ही उनके पास इन स्थितियों में पांच गेंदबाज खिलाने का विकल्प भी रहेगा।

इरफान से भी है धोनी को उम्मीदें
धोनी ने इरफान पठान की हमेशा वकालत की। लेकिन तेजी और स्विंग खत्म होने के बाद यह ऑलराउंडर टीम में अपना स्थान नहीं बरकरार रख सका। उनकी यह इच्छा अब जडेजा पूरी करते दिखाई दे रहे हैं।
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