भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि सीनियर खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के संन्यास लेने के बाद सभी को टीम के इस हश्र की उम्मीद थी। उन्होंने कहा, ‘जब बड़े खिलाड़ी जाएंगे तो युवाओं पर दबाव आएगा और हम शायद कठिन फेज से गुजर रहे हैं।
मेरे विचार से सभी को इस तरह के खराब फेज की उम्मीद थी। पिछले दो टेस्ट में हमारा प्रदर्शन खराब था। यदि आप पिछले दो मैचों को लेकर सवाल उठाते हैं तो ऐसी स्थिति भविष्य में भी आ सकती है जहां हम दो टेस्ट और गंवा दे। तब सभी कहेंगे कि सभी युवाओं को बाहर निकाल दो और किसी और को टीम में ले आओ।’
सचिन पर अटकलें लगाना बंद करें
सचिन तेंदुलकर का बचाव करते हुए धोनी ने कहा, ‘सचिन को लेकर अटकलबाजियां लगाना ठीक नहीं है। इस तरह के मैच के लिए उनसे बेहतर खिलाड़ी कोई और नहीं है। उनके पास विशाल अनुभव है। दबाव में उन्होंने देश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है और अपने पूरे कैरियर में सबको गलत साबित किया है। उन्हें क्रिकेट का आनंद लेने दीजिए। हमारे लिए यही सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।’
कभी सातवें आसमान पर नहीं पहुंचा
‘मैं किसी भी तरह के दबाव में नहीं हूं और ऐसी परिस्थितियों से निपट सकता हूं। चाहे यह 2007 का टी-20 वर्ल्ड हो या फिर 2011 का वर्ल्ड कप। लोगों ने जब भी मेरी सराहना की है मैं सातवें आसमान पर नहीं पहुंचा है और जब लोग आलोचना करते हैं तो भी मैं सामान्य ही रहता हूं।’
ड्रेसिंग रूम का माहौल शानदार
‘ड्रेसिंग रूम का माहौल शानदार है और टीम का मनोबल भी ऊंचा है। टीम को सिर्फ जज्बा दिखाने की जरूरत है और मुझे यकीन है कि यह टीम नागपुर टेस्ट में ऐसा कर सकती है। खिलाड़ी किसी दबाव में नहीं हैं।’
आलोचकों को लिया आड़े हाथों
धोनी ने कहा, 'भारत में दो ही प्रतिक्रियाएं होती हैं। या तो आपको सातवें आसमान पर पहुंचा दिया जाएगा या फिर टांग खींचकर नीचे गिरा दिया जाएगा। मैंने हमेशा कहा है कि इन दोनों के बीच का रास्ता ही महत्वपूर्ण है। इससे आप खेल का आनंद ले सकते हैं। मैं पिछले कुछ समय से न तो टीवी देख रहा हूं और न ही अखबार पढ़ रहा हूं जो एक हद तक अच्छा भी है।’