चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने चैंपियंस लीग ट्वंटी-20 में एक और धमाकेदारी पारी खेली है।
रांची में खेले गए मैच के दौरान चेन्नई का स्कोर 17 ओवर में तीन विकेट पर 141 रन था। लेकिन धोनी ने 18वें ओवर में ताबड़तोड़ पांच छक्के जड़ दिए।
श्रीलंकाई तेज गेंदबाज थिसारा परेरा के इस ओवर की पहली गेंद वाइड थी लेकिन जब पहली सही गेंद फेंकी तो उस पर धोनी ने छक्का जड़ दिया।
अगली गेंद फिर वाइड रही और सही गेंद पर धोनी ने दो रन लिए। इसके बाद अंतिम चार गेंदों पर चार छक्के लगाए। इस ओवर से चेन्नई के खाते में 34 रन जुड़े।
टूर्नामेंट के 10वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ चेन्नई की शुरुआत खराब रही थी। हालांकि सुरेश रैना ने एक छोर संभालकर टीम को मजबूती देने की कोशिश की। उन्होंने 57 गेंदों में नौ चौके और एक छक्का लगाकर टीम को संभाला।
लेकिन उनकी पारी कप्तान धोनी की आतिशी पारी के आगे फीकी साबित हुई। धोनी ने महज 19 गेंदों में आठ छक्के और एक चौके की मदद से 63 रनों की पारी खेल डाली। उन्हीं की आतिशी पारी का कमाल था जिससे टीम दो सौ के पार पहुंच गई।
धोनी की यह आतिशी पारी चैंपियंस लीग ट्वंटी-20 इतिहास की सबसे तेज पारी है। उन्होंने 331.57 की औसत से खेलते हुए नाबाद 63 रन बनाए।
उथप्पा के नाम था रिकॉर्ड
इससे पहले यह रिकॉर्ड रॉबिन उथप्पा के नाम था। उन्होंने 12 सितंबर 2010 को सेंचुरियन में रॉयल चैलेंजर्स बंगलूर के लिए खेलते हुए गुयाना के खिलाफ महज आठ गेंदों पर 25 रनों (2 चौका व 2 छक्का) की पारी खेली।
चैंपियंस लीग के इतिहास में अब तक सिर्फ पांच बल्लेबाज ऐसे हैं जिन्होंने तीन सौ से ज्यादा की औसत से रन बनाए हैं।
सबसे तेज बल्लेबाजी करने के मामले में पहले दो स्थान पर भारतीय खिलाड़ी हैं। जबकि इसके बाद तीन स्थान विदेशी खिलाड़ियों के नाम है।