चीन हिंद महासागर में अपनी दखलंदाजी लगातार बढ़ा रहा है। उसके प्रभाव को कम करने के लिए अमेरिका ने भारत, जापान और आस्ट्रेलिया के साथ मिलकर एक गठबंधन बनाने की पेशकश की है। चीन को चिढ़ाने के लिए अमेरिका ने एशिया-पेसिफिक की जगह इंडो-पेसिफिक शब्दावली का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। चीन की पूरी कोशिश है कि भारत इस गठबंधन में शामिल न हो।
आतंकवाद पर दोहरा रवैया
चीन खुद आतंकवाद की समस्या झेल रहा है। उसके शिनजियांग प्रांत में उइगर आतंकवादियों ने उसकी नाक में दम कर रखा है, लेकिन जब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की बात आती है तो पाकिस्तान को लेकर उसका दोहरा रवैया बार-बार सामने आता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की कोशिश को वह कई बार अपने वीटो से विफल कर चुका है।
चीन की महत्वाकांक्षी वन बेल्ट वन रोड (ओबोर) परियोजना दोनों देशों के बीच विवाद की बहुत बड़ी वजह है। भारत ने हाल ही में कहा है कि वह इसके खिलाफ है। दरअसल, इस परियोजना का एक हिस्सा पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजर रहा है, जिसे भारत अपना अभिन्न अंग मानता है।
अमेरिका से व्यापार युद्ध
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ व्यापार युद्ध छेड़ दिया है। इसके तहत अमेरिका ने चीन के निर्यात पर 25 फीसदी तक शुल्क बढ़ा दिया है। चीन इससे काफी चिंतित है। अमेरिका के साथ इस व्यापार युद्ध में उसे भारत का साथ चाहिए। खासकर वह भारतीय बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है। हाल के दिनों में भारत ने भी चीन की कई वस्तुओं पर शुल्क में बढ़ोतरी की है और कई तरह की गैर-शुल्कीय बाधाएं खड़ी की हैं। चीन आर्थिक मोर्चे पर भारत के साथ सभी विवादों को निपटाने का इच्छुक है।