दिल्ली घरेलू टीम के कोच राजकुमार शर्मा को रणजी ट्रॉफी में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद बर्खास्त किया जा सकता है। पिछली दो घरेलू सीजन में सीनियर टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। राजकुमार शर्मा भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली के बचपन के कोच हैं। दिल्ली की टीम झारखंड के खिलाफ बुरी तरह हारने के बाद ग्रुप में सबसे नीचे रही थी। टीम नॉकआउट राउंड के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थी।
दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने इस मामले पर समाचार एजेंसी पीटीआई से बात की है। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ के कोचिंग स्टाफ को बर्खास्त किया जा सकता है। डीडीसीए कोचिंग ढांचे को नया स्वरूप देना चाहती है। इस कारण राजकुमार के अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।’’
दिल्ली की टीम का प्रदर्शन पिछले सीजन में रणजी के अलावा विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खराब रहा है। राजकुमार शर्मा के कार्यकाल में दिल्ली की टीम ने पिछले कुछ सालों में सबसे खराब प्रदर्शन किया है। विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टीम नॉकआउट चरण में नहीं पहुंच सकी थी। इस तरह दिल्ली की टीम सभी घरेलू टूर्नामेंट में ग्रुप दौर से आगे नहीं बढ़ सकी।
द्रोणाचार्य अवॉर्ड जीत चुके राजकुमार शर्मा द्वारा चुने गए अंतिम एकादश पर भी सवाल उठने लगे थे। उन्होंने लंबे प्रारूप के होनहार खिलाड़ी आयुष बदोनी को नजरअंदाज कर दिया था। इसके अलावा सिमरजीत सिंह और मयंक यादव जैसे युवाओं को भी मौका नहीं दिया। दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रोहन जेटली ने क्रिकेट को पुनर्जीवित करने के लिए विशेषज्ञों से राय ले रहे हैं।
जेटली ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘‘हमने आगे की रणनीति तय करने के लिए एक समिति गठित की है। समिति में पूर्व क्रिकेटर मदन लाल, विनय लांबा और सुनील वाल्सन को शामिल किया गया है। अब हमें इस बात पर आत्मंथन करना है कि ऋषभ पंत के टीम इंडिया में चुने जाने के बाद और गौतम गंभीर के संन्यास लेने के बाद हमने आगे कोई कप्तान क्यों नहीं तैयार किया। इसकी शुरुआत अंडर-16 से होती है। यह एक लंबी प्रक्रिया है और हम इस पर काम करेंगे।’’