कैसा रहा दोनों कप्तानों का प्रदर्शन
यह मैच भारत के दो भविष्य के कप्तानों की टीमों के बीच भी था। दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत और लखनऊ के कप्तान केएल राहुल दोनों रोहित शर्मा के बाद टीम इंडिया की कप्तानी का दावा पेश कर रहे हैं। राहुल चार मैचों में भारत की कप्तानी भी कर चुके हैं। पिछले साल आईपीएल में पंत का प्रदर्शन राहुल से बेहतर था, लेकिन इस मैच में राहुल पंत पर भारी पड़े।
दिल्ली के सलामी बल्लेबाजों के बीच अच्छी साझेदारी होने के बाद उन्होंने स्पिन गेंदबाजों को आजमाया क्योंकि तेज गेंदबाज जमकर रन लुटा रहे थे। वहीं पहला विकेट मिलते ही उन्होंने दबाव बना दिया। दिल्ली को छोटे स्कोर पर रोका और लक्ष्य का पीछा करते हुए डिकॉक के साथ अच्छी साझेदारी की। जब उन्हें लगा कि यहां से उनकी टीम की जीत लगभग तय है, तब ही उन्होंने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। हालांकि, इसी प्रयास में वो आउट हो गए।
वहीं ऋषभ पंत ने खुद ही अपनी टीम की लुटिया डुबोई। पहले बल्लेबाजी के समय उन्होंने बहुत धीमी गति से रन बनाए। इसी वजह से दिल्ली की टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। दिल्ली में शार्दुल आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। इसका मतलब है कि दिल्ली की बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन पंत इसका फायदा नहीं उठा सके। गेंदबाजी के समय उन्होंने अपने प्रमुख गेंदबाज नोर्त्जे को पांचवां ओलर दिया। इस समय तक लखनऊ के ओपनिंग बल्लेबाज सेट हो गए थे और डिकॉक ने इस ओवर में 19 रन बटोरे।
नोर्त्जे के चोटिल होने के बाद पंत ने उनका ओवर कुलदीप से कराया, जबकि कुलदीप इस मैच में टीम के सबसे अहम गेंदबाज थे। इस वजह से कुलदीप अपनी दो गेंदें नहीं कर पाए। उन्होंने उसी ओवर में डिकॉक को जरूर आउट किया, लेकिन मैच नहीं पलट सके। वहीं डीआरएस का इस्तेमाल करने के मामले में भी पंत बहुत पीछे रहे। विकेटकीपर होने के बावजूद उन्हें कोई अंदाजा नहीं था और उन्होंने दो बहुत ही गलत रिव्यू लिए।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए मैच में क्या-क्या हुआ
सकारात्मक पक्षः दिल्ली के ओपनर पृथ्वी शॉ ने शानदार पारी खेली। उनके फॉर्म में आने से टीम को राहत मिली। कुलदीप यादव, ललित यादव और अक्षर पटेल ने अच्छी गेंदबाजी की। टीम की स्पिन गेंदबाजी मजबूत दिखी। मुस्तफिजुर और शार्दुल का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।
नकारात्मक पक्षः कप्तान पंत और सरफराज सही तरीके से अपनी पारी खत्म नहीं कर सके। अच्छी शुरुआत के बावजूद टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाई। पंत की कप्तानी साधारण रही। वॉर्नर और नोर्त्जे कुछ खास नहीं कर पाए। पहले मैच में दोनों का प्रदर्शन साधारण रहा। रवि बिश्वनोई के खिलाफ उन्होंने हमेशा संघर्ष किया है और इस मैच में भी ऐसा ही हुआ।
आईपीएल में किसी एक गेंदबाज के खिलाफ वॉर्नर का सबसे खराब औसत
| गेंदबाज |
रन |
गेंद |
आउट हुए |
औसत |
| बेन हिल्फेनास |
2 |
11 |
3 |
0.7 |
| रवि बिश्नोई |
5 |
6 |
3 |
1.7 |
| जोफ्रा आर्चर |
15 |
19 |
2 |
7.5 |
| लक्ष्मीपति बालाजी |
27 |
24 |
3 |
9 |
| स्टुअर्ट बिन्नी |
9 |
13 |
1 |
9 |
लखनऊ के लिए मैच में क्या-क्या हुआ
सकारात्मक पक्षः टीम ने जीत की हैट्रिक लगाई। पहले छह ओवरों में रन लुटाने के बाद शानदार वापसी की। कृणप्पा गौतम बेहतरीन लय में दिखे। उनके आने से बल्लेबाजी और मजबूत हुई है। रवि बिश्नोई और क्रुणाल पांड्या ने भी अच्छी गेंदबाजी की। अंत के तीन ओवरों में होल्डर और आवेश ने सिर्फ 19 रन खर्चे। वहीं बल्लेबाजी में क्विंटन डिकॉक ने स्पिन पिच पर बेहतरीन 80 रन बनाए। सलामी जोड़ी ने शानदार साझेदारी की। अंत में क्रुणाल पांड्या और आयुष बदोनी ने विजयी रन बनाए।
नकारात्मक पक्षः पावरप्ले में गेंदबाज बेअसर रहे। पृथ्वी शॉ के सामने पूरी टीम बेबस दिखी। कप्तान राहुल अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। इविन लुईस चेन्नई को छोड़कर बाकी सभी टीमों के खिलाफ बेअसर रहे हैं। लखनऊ को यह मैच काफी पहले जीतना था, लेकिन मैच 20वें ओवर तक गया।