हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शुरू हुआ अंतिम टेस्ट मैच आज दो सुनहरी यादों का गवाह बना। एक ओर जहां धर्मशाला के मैदान पर पहली बार टेस्ट मैच खेला जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव ने अपना टेस्ट पदार्पण किया।
टेस्ट पदार्पण कर चाइनामैन कुलदीप यादव ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। कुलदीप के हिस्से में अपने पहले टेस्ट मैच में चार विकेट आए, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक बल्लेबाज डेविड वॉर्नर और ग्लेन मैक्सवेल को पवेलियन का रास्ता दिखाया। कुलदीप ने पहले दिन 23 ओवर गेंदबाजी की और 68 रन देकर चार विकेट हासिल किए।
22 वर्षीय कुलदीप ने अपने पहले टेस्ट में बॉलिंग से न सिर्फ आम प्रशंसकों पर गहरी छाप छोड़ी बल्कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी उनके शानदार प्रदर्शन की तारीफ किए बिना नहीं रह सके। हर क्रिकेटर के सपना होता है कि सचिन जैसा दिग्गज उसके प्रदर्शन की पूरे करियर में एक बार उसकी तारीफ कर दें।
लेकिन कुलदीप के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि उनके हिस्से में यह तारीफ पहले टेस्ट मैच में ही आ गई। सचिन ने कुलदीप के प्रदर्शन पर ट्वीट किया, 'मैं कुलदीप की विविधता और उनके शुरुआत करने के तरीके से प्रभावित हुआ हुं। इसी मजबूती के साथ आगे बढ़ें, आप इस मैच से चमक सकते हैं।'
भारतीय टेस्ट टीम में शामिल होने वाले पहले चाइनामैन गेंदबाज
एक गुमनाम खिलाड़ी से सचिन के तारीफ करने तक का कुलदीप यादव का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा। टीम इंडिया के 288वें टेस्ट प्लेयर के तौर पर पदार्पण करने वाले कुलदीप को चोटिल विराट कोहली की जगह टीम में शामिल गया था। उन्होंने अपने चयन को सही साबित कर दिखया है।
कानपुर के रहने वाले कुलदीप चाइनामैन गेंदबाज हैं वह पहले लेफ्ट-आर्म चाइनामैन गेंदबाज हैं जो टीम इंडिया के लिए खेलें हैं। इस तरह के गेंदबाज उपमहाद्वीप में भी केवल दो ही हैं। एक श्रीलंका के लक्षण रंगिका और दूसरे कुलदीप यादव।
चाइनामैन बाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों को चाइनामैन गेंदबाज कहते हैं। प्राकृतिक रूप से वह लेग स्पिनर होता है।
लंबी रेस के खिलाड़ी हैं कुलदीप
कुलदीप यादव
कुलदीप यादव अपने प्रदर्शन की वजह से लोगों की निगाह में 2014 अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान आए थे। यूएई में खेले गए इस अंडर-19 वर्ल्ड कप में कुलदीप ने अपनी बॉलिंग से विरोधी खिलाड़ियों को छकाते हुए सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए। इस वर्ल्ड कप में वह 16.42 के औसत से 14 विकेट लेकर भारत के सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने थे ।
कुलदीप को स्कॉटलैंड के खिलाफ अंडर-19 मैच के प्रदर्शन ने शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचा दिया था और नौजवान तबके की जुबां पर उनका नाम चढ़ना शुरू हो गया था। उन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच में 10 रन देकर चार विकेट लिए थे इसमें हैट-ट्रिक भी शामिल थी। कुलदीप का यह प्रदर्शन ऐतिहासिक था क्योंकि अंडर-19 क्रिकेट में उनसे पहले किसी गेंदबाज ने हैट-ट्रिक नहीं ली थी।
अंडर-19 विश्वकप में बेहतरीन प्रदर्शन का कुलदीप को इनाम मिला और उन्हें उत्तर प्रदेश की टीम में शामिल किया गया। कुलदीप ने यहां भी अपना शानदार खेल जारी रखते हुए पहले सीजन में उन्होंने 16 विकेट झटके। लेकिन 2016-17 के फर्स्ट-क्लास सीजन में उन्होंने 52 विकेट लेकर दोबारा ध्यान आकर्षित किया। उत्तर प्रदेश के लिए 2016-17 में खेले गए 8 रणजी ट्रॉफी मैच वह 35 विकेट चटकाकर यूपी के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे।
कुलदीप यादव घरेलु मैचों में किए लाजवाब प्रदर्शन के दम पर पहले आईपीएल की कोलकात टीम में शामिल हुए और आज शनिवार को उन्होंने टीम इंडिया के 288वें टेस्ट प्लेयर के रूप में धर्मशाला में पदार्पण किया। इतनी कम उम्र में कुलदीप ने जिस तरह कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ीं है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है उनका करियर लंबी रेस की मानिंद होगा।