चेन्नई और कोलकाता की टीमें दूसरी बार फाइनल में आमने-सामने होंगी।
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आईपीएल 2021 का फाइनल मुकाबला आज चेन्नई सुपरकिंग्स और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच खेला जाएगा। चेन्नई की टीम नौवीं बार फाइनल में पहुंची है, जबकि कोलकाता तीसरी बार इस लीग का खिताबी मुकाबला खेल रही है। तीन बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम करने वाली चेन्नई का रिकॉर्ड फाइनल में अच्छा नहीं है, जबकि कोलकाता ने अपने सभी फाइनल जीते हैं। ऐसे में केकेआर के फैंस चाहेंगे कि उनकी टीम यह रिकॉर्ड बरकरार रखे और इस सीजन का अपना आखिरी मैच जीतकर तीसरी बार इस लीग की चैंपियन बने। वहीं चेन्नई अपना रिकॉर्ड बेहतर करके चौथी बार यह खिताब अपने नाम करना चाहेगी।
कब-कब फाइनल में पहुंची चेन्नई की टीम
चेन्नई की टीम अब तक कुल आठ बार आईपीएल के फाइनल में पहुंच चुकी है। पहले सीजन में उसे राजस्थान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2010 और 2011 में यह टीम विजेता बनी। साल 2012 और 2013 में भी चेन्नई को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। 2015 में फिर चेन्नई की टीम फाइनल में पहुंची, लेकिन इस बार भी धोनी की टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। 2018 में चेन्नई तीसरी बार आईपीएल की विजेता बनी। 2019 में फिर धोनी ने अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया, लेकिन इस साल भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब 2021 में चेन्नई नौवीं बार फाइनल में पहुंची है।
कोलकाता का रिकॉर्ड फाइनल में शानदार
कोलकाता की टीम अब तक दो बार फाइनल में पहुंची है और दोनों बार खिताब अपने नाम किया है। इसके अलावा चार सीजन में यह टीम प्लेऑफ में पहुंचकर टूर्नामेंट से बाहर हुई है। इससे पहले 2012 में कोलकाता और चेन्नई की टीमें फाइनल में भिड़ी थीं। इस बार कोलकाता की टीम चेन्नई पर हावी रही थी। आज के मैच में चेन्नई कोलकाता को हराकर 2012 का बदला लेना चाहेगी। 2014 में कोलकाता ने पंजाब को हराकर दूसरी बार खिताब जीता था। पंजाब का पहला आईपीएल खिताब जीतने का सपना तोड़ दिया था।
लय में है कोलकाता की टीम
कोलकाता की टीम यूएई में काफी शानदार लय में दिखी है। पिछले चार मैचों में कोलकाता ने शानदार तरीके से विपक्षी टीम को हराया है। यूएई आने के बाद कोलकाता ने कुल नौ मैच खेले हैं और सात मैचों में जीत हासिल की है। सिर्फ दो मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन मजेदार बात यही है कि इनमें से एक हार चेन्नई के खिलाफ ही है। यूएई के धीमे मैदीन में कोलकाता के स्पिनर और भी खतरनाक हो जाते हैं। वहीं आंद्रे रसेल के फॉर्म में न होने से चेन्नई राहत की सांस लेगी, क्योंकि रसेल अकेले मैच पलटने का दम रखते हैं।