भारतीय क्रिकेटर आशीष नेहरा और वेस्टइंडीज के क्रिस गेल में एक समानता है। दोनों 36 साल के हो चुके हैं। जहां आशीष नेहरा को कुछ दिन पहले भारतीय टीम में अभयदान सा मिला है, वहीं वेस्टइंडीज क्रिकेट अभी भी क्रिस गेल के कंधों पर टिका दिखता है। इसे गलत सबित करना नामुमकिन लगता है।
बुधवार को इंग्लैंड के खिलाफ गेल ने जो 48 गेंदों में 100 रनों की आतिशी पारी खेली, उसमें 11 छक्के शामिल थे। मतलब यह कि 100 में से 66 रन महज 11 शॉट्स से ही बन गए। अगर दो ओवरों का औसत निकालें, तो गेल ने इनमें 33 प्रति ओवर से ज्यादा रन जड़े।
साथ ही गेल ने साल 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप में जमाए गए एक मैच में अपने 10 छक्कों के ही रिकॉर्ड को किनारे कर दिया। साफ है, जहां नेहरा अपने करियर को दोबारा पटरी पर लाने की जद्दोजहद में हैं, उनकी ही उम्र के गेल रिकॉर्ड तोड़ने में लगे हैं।
2015 के एकदिवसीय वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के एक अहम मैच में मैं प्रेस बॉक्स में राहुल द्रविड़ से बात कर रहा था। जब-जब गेल स्ट्राइक पर होते थे, राहुल का ध्यान सिर्फ़ पिच पर ही रहता था।
मैंने वजह पूछी तो बोले, "गेंद को स्टेडियम के बाहर पहुँचाने में इस आदमी का कोई जवाब नहीं है।"
लहलहाती जुल्फ़ों वाले सवा छह फीट के गेल जब मैच की तैयारी करते हैं, तो नजारा देखने लायक होता है। साल 2012 का टी-20 वर्ल्ड कप श्रीलंका में हो रहा था और मैं कोलंबो के उसी होटल में टिका था, जहां वेस्टइंडीज की टीम रुकी थी।
कमर दर्द से परेशान हैं क्रिस गेल
क्रिस गेल
एक शाम खबर मिली कि होटल में देर रात पुलिस छापे में ब्रितानी मूल की दो महिलाओं को पूछताछ के लिए रोका गया। कथित तौर पर ये महिलाएं होटल में हो रही पार्टी में शामिल थीं। मेजबान कोई और नहीं खुद क्रिस गेल थे। शोर-शराबा मचाने पर किसी ने शिकायत कर दी थी। बहरहाल, गेल इन चीजों से प्रभावित होने वालों में से नहीं।
वेस्टइंडीज के अगले ही मैच में उन्होंने कई छक्के जड़े और टीम को मजबूती पर पहुँचाकर ही आउट हुए। अगर आप क्रिस गेल को नेट पर अभ्यास करते देखें, तो अंदाजा हो जाएगा कि उन्हें छक्के मारना ही पसंद है। बहुत से लोगों को नहीं पता कि पिछले कई साल से क्रिस गेल कमर दर्द झेल रहे हैं और इस कारण वह ज्यादा दौड़ने या डाइव लगाने वाली जगह पर फ़ील्डिंग भी नहीं करते।
उनकी पसंदीदा जगह विकेटकीपर के बगल में स्लिप्स है। नेट अभ्यास के दौरान भी वे ज्यादा मशक्कत नहीं करते। गेल को सिर्फ़ एक ही चीज में मजा आता है। वे नेट्स में बैटिंग करते समय हर दूसरी या तीसरी गेंद को मारकर मैदान के बाहर करने की फ़िराक़ में रहते हैं। यक़ीन मानें, जब वेस्टइंडीज टीम अभ्यास करती है तो सामने स्टैंड्स में बैठे पत्रकार भी गेल के अभ्यास के दौरान सावधान रहते हैं क्योंकि कोई भी शॉट वहां तक पहुँच सकता है।
एक और बात यह है कि गेल लंबे हैंडल वाले भारी बैट से बल्लेबाजी करते हैं। भारी बैटों से खेलने वाले कुछ दूसरे महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर, विवियन रिचर्ड्स और इयान बॉथम रहे हैं।
ताज्जुब नहीं होना चाहिए कि गेल टी-20 वर्ल्ड कपों में अभी तक 900 रनों के क़रीब पहुँच चुके हैं। लगता तो यही है कि मछली और पिज्जा के शौक़ीन क्रिस गेल का यह आखिरी टी-20 वर्ल्डकप होगा। अगर उन्हें भी इसका पूरा अहसास है, तो अगले कुछ दिनों में छक्कों की भरमार बहुत देखने को मिलेगी।