मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत पर खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए दो करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इसे जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र को गर्व और प्रेरणा से भर दिया है।
मैच देखने पहुंचे थे मुख्यमंत्री अब्दुल्ला
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में अब्दुल्ला ने कर्नाटक को उसके घरेलू मैदान पर दबदबा कायम करते हुए हराने के बाद खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए दो करोड़ रुपये के नकद इनाम की घोषणा की। मुख्यमंत्री शुक्रवार को हुबली (कर्नाटक) पहुंचे थे, जहां उन्होंने जम्मू-कश्मीर टीम का उत्साहवर्धन किया। टीम ने पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल कर पहली बार ट्रॉफी को अपने नाम करना लगभग तय कर लिया था। अब्दुल्ला ने कहा, खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए हाल ही में अधिसूचित सरकारी नियमों के तहत सरकारी नौकरियों का लाभ भी दिया जाएगा।
मनोज सिन्हा ने भी दी बधाई
टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी बधाई दी है। जम्मू-कश्मीर एलजी कार्यालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने पोस्ट किया, जम्मू-कश्मीर का सबसे अच्छा समय आ गया है। जब मैं हमारी क्रिकेट टीम को रणजी ट्रॉफी जीतते हुए देख रहा हूं, तो मेरी भावनाएं शब्दों से परे हैं। हर उस खिलाड़ी को जिसने अपनी हिम्मत से इतिहास रचा, उन्हें जम्मू-कश्मीर की तरफ से गर्व से धन्यवाद। आपने इतिहास रच दिया है।
पहली बार टीम बनी चैंपियन
जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रचते हुए रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ ये मुकाबला पहली पारी में बढ़त के आधार पर अपने नाम किया। जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रन की बढ़त हासिल की थी। पांचवें दिन जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाए और उसकी कुल बढ़त 633 रनों की हो गई थी। जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने पारी घोषित करने का फैसला किया। इसके बाद दोनों टीमों के कप्तान दिन का खेल समाप्त करने पर सहमत हुए और मैच ड्रॉ रहा। इस तरह जम्मू-कश्मीर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।