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Updates: आंध्र प्रदेश के पटाखा कारखाने में विस्फोट, कई हताहत; मणिपुर के राज्यपाल ने गृह मंत्री से की मुलाकात

Sat, 28 Feb 2026 03:43 PM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में एक पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट में कई लोगों के घायल होने की आशंका है। एक स्थानीय समाचार चैनल के अनुसार वेटलापलेम गांव में पटाखे बनाते समय विस्फोट हुआ। पटाखे बनाने वाली इकाई में करीब 20 लोग काम कर रहे थे और आशंका है कि उनमें से कई लोग फंसे हुए हैं।

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मणिपुर के राज्यपाल ने गृह मंत्री शाह से की मुलाकात

मणिपुर के राज्यपाल अजय भल्ला ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मणिपुर में फरवरी की शुरुआत में एक नई सरकार ने सत्ता संभाली है। इसी बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी यहां गृह मंत्री शाह से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने राज्य से संबंधित विकास मुद्दों पर चर्चा की।

बता दें कि मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में दोनों समुदायों के सदस्यों के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 260 लोग मारे गए हैं, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए। 

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साइबर फ्रॉड मामले के तीन आरोपी गिरफ्तार

देशभर में दर्ज 352 शिकायतों से जुड़े 82 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में कर्नाटक पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी 43 वर्षीय जगदीश सी पर आरोप है कि उसने कमीशन का लालच देकर एक व्यक्ति से बैंक खाता खुलवाया और बाद में उसी खाते के जरिए बड़ी रकम का अवैध लेन-देन किया।

अन्य दो आरोपियों की पहचान अर्शद (39) और अनंत टी (34) के रूप में हुई है। पुलिस ने 15 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनके माध्यम से 14.71 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। जांच के दौरान 2 मोबाइल फोन, 11 एटीएम कार्ड, 9 क्यूआर कोड स्कैनर और 15 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अरुणाचल की दुर्गम चोटियों पर थल सेना और आईटीबीपी ने परखी अपनी मारक क्षमता
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बढ़ती सामरिक चुनौतियों के बीच भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में अपनी युद्धक क्षमता का जोरदार प्रदर्शन किया है। लोहित जिले के तेजू में आयोजित तीन दिवसीय सघन तोपखाना अभ्यास में भारतीय सेना के साथ आईटीबीपी, अरुणाचल स्काउट्स, पैरा स्पेशल फोर्सेज और नवनिर्मित भैरव बटालियन ने हिस्सा लिया। सोमवार से बुधवार तक चले इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों के बीच सटीक तालमेल और त्वरित प्रहार क्षमता को पुख्ता करना था। रणनीतिक रूप से संवेदनशील इन क्षेत्रों में भारतीय जांबाजों ने शून्य से नीचे के तापमान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में युद्ध का कृत्रिम परिवेश तैयार कर आधुनिक तोपों से सटीक लक्ष्य भेदे। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा कि इस अभ्यास का विशिष्ट लक्ष्य पर्वतीय क्षेत्रों में अंतर-संगठनात्मक तालमेल को सुदृढ़ करना और परिचालन तत्परता को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था।



 
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शिलांग में विधायकों ने छोड़ी सरकारी गाड़ियां, बस से किया दौरा
मेघालय के विधायकों ने एक अनोखी पहल करते हुए अपनी आधिकारिक गाड़ियों और ड्राइवरों को छोड़ बस से न्यू शिलांग टाउनशिप का दौरा किया। बजट सत्र के समापन के अवसर पर आयोजित इस बस यात्रा में मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

न्यू शिलांग टाउनशिप में बनने वाले नए सचिवालय, आधुनिक विधानसभा भवन और अन्य प्रशासनिक ढांचों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान विधायकों ने आपसी संवाद के साथ परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास एक साझी यात्रा है और जनप्रतिनिधियों को परियोजनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कराने से राज्य के भविष्य को लेकर सामूहिक दृष्टि मजबूत होगी। कार्यक्रम के दौरान 15 आधुनिक सिटी बसों को हरी झंडी भी दिखाई गई। ये बसें पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर IIM शिलांग से अपर शिलांग मार्ग पर 20-30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी। इनमें जीपीएस ट्रैकिंग, एयर कंडीशनिंग, मोबाइल चार्जिंग और डिजिटल टिकटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

दलितों को बाल कटाने से इनकार के बाद कर्नाटक सरकार ने खुलवाया सैलून
कर्नाटक के शिंगातालूर गांव में दलित समुदाय को कथित तौर पर बाल कटवाने की सेवा से वंचित किए जाने के बाद राज्य सरकार ने हस्तक्षेप कर नया सैलून शुरू करवाया है। सामाजिक कल्याण विभाग, तालुक प्रशासन और दलित संगठनों के सहयोग से यह पहल की गई। बताया जाता है कि गांव में एक अंधविश्वास के चलते विशेष समय पर दलितों के बाल काटने से परहेज किया जाता था। सरकार ने अस्पृश्यता उन्मूलन और सामाजिक समरसता कार्यक्रम के तहत इस सैलून की स्थापना कराई, ताकि सभी को समान सेवाएं मिल सकें।
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