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Reports: इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी दो टेस्ट के लिए पुजारा को मिल सकता था मौका लेकिन.... रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Fri, 15 Mar 2024 03:45 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चेतेश्वर पुजारा को राजकोट और धर्मशाला टेस्ट मैच के लिए चुना जा सकता था। चयन समिति ने अनुभवी बल्लेबाज की टीम में वापसी पर विचार किया था, लेकिन अध्यक्ष अजीत अगरकर की सहमति नहीं मिलने के कारण देवदत्त पडिक्कल को मौका दिया गया।
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चेतेश्वर पुजारा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया ने 4-1 से जीत दर्ज की। भारतीय खिलाड़ियों ने इस सीरीज में दमदार प्रदर्शन किया और बैजबॉल की हवा निकाल दी। रोहित शर्मा के नेतृत्व में सरफराज खान समेत चार अन्य खिलाड़ियों ने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। विराट कोहली, केएल राहुल और चेतेश्वर पुजारा के बगैर उतरी टीम इंडिया ने इंग्लैंड की जमकर खबर ली। इस बीच एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अनुभवी बल्लेबाज पुजारा को आखिरी दो टेस्ट मैचों में मौका दिया जा सकता था। 
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हाल ही में पुजारा को रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते देखा गया। सौराष्ट्र के लिए खेलते हुए दिग्गज ने 829 रन बनाए। इस दौरान उनका उच्चतम स्कोर 243 रन रहा। पुजारा इस टूर्नामेंट में तीसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इस शानदार प्रदर्शन ने उनकी टीम में वापसी के द्वार खोल दिए थे। हालांकि, देवदत्त पडिक्कल को मौका दिया गया। 

पुजारा की जगह पडिक्कल को मिला मौका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चेतेश्वर पुजारा को राजकोट और धर्मशाला टेस्ट मैच के लिए चुना जा सकता था। चयन समिति ने अनुभवी बल्लेबाज की टीम में वापसी पर विचार किया था, लेकिन अध्यक्ष अजीत अगरकर की सहमति नहीं मिलने के कारण देवदत्त पडिक्कल को मौका दिया गया। दरअसल, कर्नाटक के बल्लेबाज ने रणजी में 150 रन की धुआंधार पारी खेली थी, जिससे अगरकर काफी प्रभावित हुए थे। उन्हें विश्वास था कि इंग्लिश स्पिनर्स के खिलाफ युवा बल्लेबाज दमदार प्रदर्शन करने में सफल होगा और ऐसा हुआ भी। 
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आखिरी मुकाबले में देवदत्त पडिक्कल को मौका मिला। उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले को अपने धमाकेदार प्रदर्शन से सही ठहराया। धर्मशाला टेस्ट में युवा बल्लेबाज ने 65 रन की दमदार पारी खेली और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 

बैकअप कीपर के तौर पर अगरकर ने सुझाया था जुरेल का नाम
रिपोर्ट के मुताबिक, ध्रुव जुरेल को बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज टीम में एंट्री दिलाने का श्रेय भी अजीत अगरकर को ही जाता है। उन्होंने केएस भरत की जगह जुरेल को मौका देने का फैसला किया था। दरअसल, भारत को लंबे वक्त से विकेटकीपर की कमी से जूझते देखा गया है। केएल राहुल को लेकर पहले ही तय हो गया था कि वह बतौर बल्लेबाज खेलते नजर आएंगे। ऐसे में टीम के पास केएस भरत के सिवाए कोई विकल्प नहीं था। ऐसे में टीम को  बैकअप कीपर की तलाश थी, जो कि ध्रुव जुरेल पर आकर खत्म हुई। भारतीय टीम की चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने जुरेल का नाम सुझाया। 

इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट मैचों में केएस भरत के असफल होने के बाद ध्रुव को राजकोट टेस्ट में डेब्यू का मौका मिला। टीम प्रबंधन की तरफ से मिले इस मौके को उन्होंने भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और डेब्यू मैच में 45 रन बनाए। वहीं, चौथे मैच की पहली पारी में उन्होंने 91 रन बनाए जबकि दूसरी पारी में 36 रन की नाबाद पारी खेल कर टीम को जीत दिलाई। 
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