भारतीय टीम के पूर्व अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने रविवार को अचानक से क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कहने का फैसला किया। पुजारा लंबे वक्त से टीम से बाहर थे और आखिरकार उन्होंने संन्यास का निर्णय लिया। पुजारा ने अब बताया है कि उन्होंने यह फैसला एक सप्ताह पहले ही लिया था। पुजारा हाल फिलहाल में इंग्लैंड दौरे पर कमेंट्री करते दिखे थे। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट जून 2023 में इंग्लैंड में ही खेला था। उनका आखिरी टेस्ट या यूं कहें अंतरराष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केनिंग्टन ओवल में खेला गया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल था।
पुजारा का अंतरराष्ट्रीय करियर
पुजारा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 103 टेस्ट और पांच वनडे खेले। टेस्ट में उन्होंने 176 पारियों में 43.61 की औसत से 7195 रन बनाए। इनमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 206 रन का रहा वहीं, वनडे में उन्होंने 39.24 की औसत से 51 रन बनाए। इसके अलावा पुजारा आईपीएल में 30 मैच खेल चुके हैं। इसकी 22 पारियों में उन्होंने 99.75 के स्ट्राइक रेट से 390 रन बनाए। इसमें एक अर्धशतक शामिल है।
पुजारा ने कहा कि उन्होंने पहले इस बारे में नहीं सोचा था और हाल ही में यह फैसला लिया। पुजारा ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा, मैंने पहले इस बारे में ज्यादा नहीं सोचा था। लगभग एक सप्ताह से मुझे लगा कि यही सही समय है। इसलिए आज जब मैंने यह फैसला लिया, तो यह मेरे और मेरे पूरे परिवार के लिए बहुत गर्व का पल है। आज के दिन मैं अपने सभी साथियों, अपने कोचों और उन सभी सहयोगी कर्मचारियों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिनके साथ मैंने काम किया, क्योंकि यह मेरे लिए गर्व का पल है। बचपन से ही, जब मैं छोटा था, भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए, भारत के लिए खेलना हमेशा एक सपना रहा है। जब वह सपना पूरा हुआ और इतने वर्षों तक यह सफर चलता रहा, तो हमने ढेर सारी यादें बनाईं, इसलिए मेरे अब तक के करियर में कई गर्व के पल हैं।
'यह मेरा निजी फैसला'
पुजारा ने कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने दोहराया कि वह एक सफल करियर का आनंद लेकर खुश हैं। पुजारा ने कहा, यह मेरा निजी फैसला है और मैंने तय किया कि यही सही समय है। युवा खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में मौके मिलने चाहिए। पहले मैंने सोचा था कि शायद मैं इस रणजी सीजन में खेलूंगा, लेकिन फिर मुझे लगा कि अगर युवा खिलाड़ियों को मौका मिलेगा, तो वे जल्दी तैयार हो जाएंगे। इसलिए यह मेरा निजी फैसला था। पिछले कुछ वर्षों के बारे में जब मैं भारतीय टीम का हिस्सा नहीं था, मैं ज्यादा बात नहीं करना चाहता था। मेरे लिए, यह एक बहुत ही यादगार दिन है और भारतीय टीम के साथ सफर, हमने जो मैच और सीरीज खेली, टीम का प्रदर्शन, ये सब मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं।