सचिन 24 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। मैं उनको करीब 20 साल से फॉलो कर रहा हूं। मैने कभी सचिन को टेस्ट क्रिकेट में पारी की शुरुआत लगातार दो चौके से करते नहीं देखी है। चेन्नई टेस्ट में सहवाग के आउट होने के बाद क्रीज पर आए सचिन ने ओवर की बची चार गेंदों पर 3 झन्नाटेदार चौके जड़े।
पहली दो गेंदों पर फ्रंटफुट पर आते हुए सचिन ने जिस अंदाज में चौका जड़ा शायद वो यह बताना चाहते थे कि वनडे से संन्यास के बाद भी उनके बल्ले की धार कम नहीं हुई है। सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई टेस्ट की पहली पारी में दूसरे दिन शानदार 71 रन बनाए। सचिन अभी भी क्रीज पर जमे हुए हैं। सचिन की इस पारी की बदौलत भारत ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 3 विकेट के नुकसान पर 182 रन बना लिए थे।
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सचिन के बारे में कहा जाता है कि अपने उपर उठे किसी भी सवाल का जवाब वो अपने बल्ले से देते हैं। यहां भी वही हुआ। सचिन के वनडे से संन्यास के बाद से सबने यह जानना चाहा कि आखिर उन्होंने वनडे से आश्चर्यजनक रूप से संन्यास क्यों लिया? आखिर सचिन ने संन्यास के बाद पहली पारी खेलते हुए पहले दो गेंदों पर चौके लगाकर यह बता दिया कि उन्होंने दबाव में आकर संन्यास लिया न कि उनके अंदर क्रिकेट खत्म हो गया था।
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सचिन ने चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिस तरह की पारी खेली उसके बाद यह तो मानना ही पड़ेगा कि अभी उनके अंदर बहुत क्रिकेट बची हुई है। चेन्नई के चेपक मैदान पर बल्लेबाजी करना बेहद कठिन है। क्योंकि यह पिच पहले ही दिन से धीमे खेल रही है। ऐसे में सचिन की यह पारी उनके बेहतर फॉर्म को दर्शाती है।