कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में लगातार जीत दर्ज कर टीम इंडिया रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में उतरेगी।
दूसरी तरफ क्रिकेट के जन्मदाता इंग्लैंड ने वनडे फार्मेट में अभी तक कोई आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीता है। इंग्लिश टीम की कोशिश इतिहास बदलने की होगी।
आईए जानते हैं दोनों टीमों का मजबूत पक्ष
भारत की ताकत
मजबूत ओपनर:-
शिखर धवन और रोहित शर्मा के रूप में टीम को ऐसी जबर्दस्त ओपनिंग जोड़ी मिली है कि मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाजों को कहना पड़ रहा है कि मेरा नंबर कब आएगा।
धवन तो जबर्दस्त फार्म में चल रहे हैं। वह टूर्नामेंट में अब तक दो शतक और एक अर्द्धशतक ठोककर ‘मैन आफ द सीरीज’ की होड़ में सबसे आगे हैं।
इतिहास बनाने उतरेगी टीम इंडिया
फाइनल में धोनी को उम्मीद रहेगी कि वह टीम इंडिया की मूंछों की शान बरकरार रखेंगे। मध्यक्रम में विराट कोहली, सुरेश रैना, दिनेश कार्तिक और कप्तान धोनी का नंबर अगर आता है तो उन पर बड़ी पारियां खेलने की जिम्मेदारी रहेगी।
गेंदबाज तिकड़ी:-
जहां तक गेंदबाजी विभाग की बात है तो इशांत शर्मा, उमेश यादव और भुवनेश्वर कुमार की तिकड़ी में इस समय बेहतरीन तालमेल नजर आ रहा है।
तीनों ही अलग तरह के गेंदबाज हैं। इशांत उछाल के गुरु हैं, भुवनेश्वर स्विंग के उस्ताद हैं और उमेश की ताकत उनकी तेजी है। स्पिन विभाग में आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा विपक्षी बल्लेबाजों के लिए मुसीबत बने हुए हैं।
जाबांज फील्डिंग:-
टूर्नामेंट में टीम इंडिया गजब की फील्डिंग कर रही है। खुद कप्तान धोनी भी इससे बेहद उत्साहित हैं और उनका कहना है कि टीम का क्षेत्ररक्षण इस समय दुनिया में सबसे बेहतर है।
इंग्लैंड की ताकत
बेहतर कप्तानी:-
एलेस्टेयर कुक की अगुवाई में इस टीम ने भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं। इससे इंग्लैंड भी बेहतरीन टीमों में शुमार हो रहा है।
इंग्लैंड को लीग चरण में श्रीलंका के हाथों हार का सामना करना पड़ा था जबकि सेमीफाइनल में उसने द. अफ्रीका की मजबूत टीम को करारी शिकस्त दी थी।
श्रेष्ठ खिलाड़ी:-
टीम के पास कुक, जोनाथन ट्रॉट, इयान बेल और इयोन मोर्गन जैसे धुरंधर बल्लेबाज हैं किसी भी गेंदबाजी आक्रमण पर भारी पड़ सकते हैं।
गेंदबाजी में स्टुअर्ड ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन की तिकड़ी भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा लेंगे। कुल मिलाकर खिताबी मुकाबले में दोनों टीमों के बीच जोरदार टक्कर होने की उम्मीद है।
घरेलू मैदान:-
बेशक मेजबान इंग्लैंड को घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा मिल सकता है। इंग्लिश खिलाड़ी वहां की मौसम, पिच के मिजाज से भली भांति परिचित हैं।