आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के कारण चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर दो साल का बैन लगाए जाने के बाद अब पिछले 6 साल से खेले जा रही टी-20 चैंपियंस लीग को खत्म कर दिया गया है।
चैंपियंस लीग टी-20 की कार्यकारी समिति जिसमें बीसीसीआई, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए), क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीएसए) शामिल हैं, तीनों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया।
टूर्नामेंट को रद किए जाने के कारण इस साल सितंबर और अक्टूबर में होने वाली यह टूर्नामेंट अब नहीं खेली जाएगी। टूर्नामेंट को तत्काल प्रभाव से खत्म किए जाने के पीछे दर्शकों में इस वैश्विक टूर्नामेंट को लेकर ज्यादा उत्साह नहीं दिखाना अहम कारण माना जा रहा है।
बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने कहा कि गवर्निंग काउंसिल का मानना है कि सीमित दर्शक संख्या को देखते हुए लीग को खत्म करना ही सही निर्णय है। यह फैसला सभी व्यावसायिक साझेदारों और टूर्नामेंट से जुड़े सभी लोगों के साथ बात करने के बाद लिया गया है। गवर्निंग काउंसिल टूर्नामेंट का हिस्सा रहे और इसमें प्रतिनिधित्व करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करती है।
सचिव ठाकुर ने कहा, "ये काफी मुश्किलभरा फैसला रहा क्योंकि चैंपियंस लीग टी-20 के कारण कई देशों में टी-20 की घरेलू प्रतियोगिताओं को मजबूती मिली थी। जैसे भारत में आईपीएल, ऑस्ट्रेलिया में बिग बैश लीग और दक्षिण अफ्रीका में रैम स्लैम टी-20।"
उन्होंने कहा, "यह दुनियाभर के खिलाड़ियों के लिए एक ऐसे प्लेटफॉर्म की तरह था जहां उन्हें अपनी योग्यता दिखाने का मौका मिलता था। पिछले 6 सत्रों में इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों ने खूब लुत्फ उठाया। दुर्भाग्य से लीग टी-20 प्रशंसकों में इस प्रतियोगिता को लेकर उतनी रुचि नहीं दिखी, जितनी उम्मीद की गई थी। ये फैसला सभी व्यवसायिक साझेदारों से मिलकर किया गया है।"