श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम की कप्तान चामरी अटापट्टू ने भरोसा जताया है कि इस बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब किसी एशियाई टीम के हाथ लगेगा। गुवाहाटी में सोमवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एशिया की टीमें लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और इस बार भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान या बांग्लादेश में से कोई भी चैंपियन बन सकता है।
श्रीलंका की वापसी और सह-मेजबानी का फायदा
श्रीलंका आठ साल बाद महिला विश्व कप में वापसी कर रहा है और इस बार वह टूर्नामेंट का सह-मेजबान भी है। टीम अपने सात ग्रुप मैचों में से पांच मुकाबले घरेलू सरजमीं पर खेलेगी। अटापट्टू ने इसे टीम के लिए बड़ा अवसर बताया और कहा, 'घरेलू माहौल में खेलना हमेशा खास होता है। हमें उम्मीद है कि इस बार एशियाई टीम का खिताबी सूखा खत्म होगा और ट्रॉफी यहीं रहेगी।'
इतिहास में एशियाई टीमों का प्रदर्शन
अब तक महिला विश्व कप केवल तीन देशों ने जीता है- ऑस्ट्रेलिया (सात बार), इंग्लैंड (चार बार) और न्यूजीलैंड (एक बार)। भारत दो बार फाइनल तक पहुंचा लेकिन खिताब जीतने से चूक गया। ऐसे में अटापट्टू मानती हैं कि एशियाई टीमों के पास इस बार इतिहास बदलने का सुनहरा मौका है।
सेमीफाइनल में जगह बनाना लक्ष्य
अटापट्टू ने कहा कि श्रीलंका का मुख्य लक्ष्य सेमीफाइनल में जगह बनाना है। उन्होंने कहा, 'अगर हम लीग चरण में अच्छा प्रदर्शन करके अंतिम-चार तक पहुंचते हैं, तो यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि होगी। वहां से हम और आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे।'
भारत से चुनौती का सामना
श्रीलंका का पहला मुकाबला मंगलवार को भारत से होगा। अटापट्टू ने माना कि भारत को उसके घरेलू हालात में हराना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'भारत मजबूत टीम है और परिस्थितियों को अच्छी तरह समझती है। लेकिन हमारी टीम ने पिछले 12 महीनों में अच्छा क्रिकेट खेला है। अगर हम अपनी योजनाओं को सही तरीके से अमल में लाते हैं और दबाव में नहीं आते, तो हम भी जीत दर्ज कर सकते हैं।'