बीसीसीआई के स्वनिर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन एक बार फिर संकट में आ गए हैं।
श्रीनिवासन को आईपीएल 6 में हुई स्पॉट फिक्सिंग में अपने दामाद गुरुनाथ मयप्पन की संलिप्तता के कारण बीसीसीआई से दूर होने को मजबूर होना पड़ा है।
लेकिन सीबीआई ने अब क्रिकेट के इतर एक और भ्रष्टाचार के मामले में उन पर केस दर्ज कराया है। उन पर वाईएसआर कांग्रेस के नेता वाईएस जगन मोहन रेड्डी के साथ गलत तरीके से पैसे कमाने का आरोप है।
श्रीनिवासन इंडिया सीमेंट के उपाध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) हैं। सीबीआई ने पेन्ना सीमेंट और भारती सीमेंट के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की है।
बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष से इस मामले में पिछले साल जून में पूछताछ की गई थी। सीबीआई की चार्जशीट में श्रीनिवासन तीसरे नंबर के आरोपी बनाए गए हैं। चार्जशीट में कहा गया है कि श्रीनिवासन ने जगन की कंपनी में 140 करोड़ रुपए का निवेश किया और अनुचित लाभ उठाए।
हालांकि श्रीनिवासन ने चार्जशीट दाखिल होने के बाद कहा कि उन्होंने बतौर खेल प्रशासक कुछ भी गलत नहीं किया है। उनके बिजनेस को क्रिकेट के साथ मिलाने की कोशिश नहीं की जाए।
इन सभी कंपनियों पर वाईएस राजशेखर रेड्डी के मुख्यमंत्रित्व काल में उनके बेटे वाईएस जगन मोहन रेड्डी की कंपनी में गलत तरीके से निवेश करने का आरोप है।
सभी तीनों चार्जशीटों में जगन मोहन और उनके ऑडीटर को पहले और दूसरे नंबर का आरोपी बनाया गया है। गलत तरीके से पैसे कमाने के आरोप में जगन मोहन पिछले साल 27 मई से सीबीआई की हिरासत में हैं।