वनडे विश्व कप 2023 में भारत का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के साथ है। टीम इंडिया यह मैच जीतकर अपने विश्व कप अभियान का विजयी आगाज करना चाहेगी। भारत ने आखिरी आईसीसी ट्रॉफी 2013 में जीती थी। ऐसे में रोहित शर्मा की टीम पर आईसीसी ट्रॉफी का एक दशक पुराना सूखा खत्म करने की जिम्मेदारी है। इस टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलने से पहले रोहित शर्मा ने कहा है कि भारतीय खिलाड़ी होना आसान नहीं है। उन्होंने फैंस की उम्मीदें काफी दबाव बनाती हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम मैच विजेताओं से भरी हुई है, जो दबाव की स्थितियों से निपटने का तरीका जानते हैं।
रोहित ने कहा "हम भारतीय क्रिकेटर हैं। हमें दबाव की स्थितियों से गुजरना पड़ता है। मैं इस टीम में कई मानसिक रूप से मजबूत खिलाड़ियों को देखता हूं, जो अपने करियर में कठिनाइयों से गुजरे हैं। उनमें से किसी को भी कुछ भी इतनी आसानी से नहीं दिया गया है। वे अपने कठिन समय से गुजरे हैं, उन्होंने अपना कठिन समय बिताया है और आज उन्होंने जो हासिल किया है वह अपने दम पर किया है।"
रोहित ने आगे कहा "16 साल ने मुझे सिखाया है कि लम्हों से कैसे गुजरना है। अनुभव बहुत कुछ सिखाता है और सबसे महत्वपूर्ण है, उच्च जोखिम वाले खेलों के दबाव से निपटना। 16 साल के क्रिकेट ने मुझे सिखाया है कि मुश्किल क्षणों से कैसे गुजरना है और दबाव को कैसे संभालना है और उस दबाव को टीम पर नहीं आने देना है।"
रोहित समझते हैं कि दबाव से निपटना एक अनोखा गुण है और हर कोई अलग तरह से प्रतिक्रिया करेगा। उन्होंने कहा "मुझे यकीन है कि टूर्नामेंट के कुछ चरणों में कुछ खिलाड़ी दबाव से गुजरेंगे, टीमें दबाव से गुजरेंगी। लेकिन यही वह जगह है जहां हमें मानसिक रूप से मजबूत खिलाड़ियों की जरूरत है।"