भारतीय टीम के कप्तान के तौर पर पांच साल पूरे करने और कप्तानी के दबाव के बारे में धोनी ने कहा, ‘मुझे मोबाइल, अखबार या टीवी चैनल पर संबंधित खबरों को देखने में कोई रुचि नहीं है। हर अलग व्यक्ति के लिए दबाव से निपटने का तरीका अलग होता है। लेकिन जरूरी है कि आप अतिरिक्त दबाव को खुद से दूर रखने का प्रयास करें।
मुझे लगता है कि अपनी ऊर्जा को सही ढंग से लगाने पर ध्यान देना जरूरी है ताकि मैं अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकूं। मेरी टीम काफी समझदार है। सहवाग, जहीर, युवराज और हरभजन जैसे खिलाड़ियों को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अनुभव है। कई ऐसे युवा खिलाड़ी भी हैं जिन्हें चार या पांच साल का अनुभव है। टीम के अनुभवी खिलाड़ी जूनियर खिलाड़ियों के साथ अच्छी तरह खेलते हैं और उन्हें सिखाते हैं जो हमारी टीम की मजबूती है।’