कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी टीम इंडिया में एक चीज से बड़े परेशान हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि इस समस्या का समाधान कैसे करें।
भारतीय क्रिकेट टीम वनडे सीरीज में अपना पहला मैच हार गई है और उस पर अगले मैच में वापसी करने का दबाव है लेकिन कप्तान धोनी के लिए यह जरा मुश्किल लग रहा है।
ऑस्ट्रेलिया पूरी तैयारी के साथ भारत के दौरे पर है और पुणे में उसके तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने सात मैचों की सीरीज में कंगारू टीम की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
मिचेल जॉनसन, क्लिंट मैकाय और जेम्स फॉकनर अब तक भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में सफल रहे हैं। पुणे में हार के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गेंदबाजी विभाग की खुलकर आलोचना की थी।
फ्लॉप इशांत शर्मा
जबकि टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा इस दौरे में अब तक फ्लॉप रहे हैं और यह टीम के लिए चिंता की बात है। इशांत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकमात्र ट्वंटी-20 में भी बुरी तरह से असफल रहे और अपने चार ओवर के स्पेल में 52 रन खर्च कर डाले। इस मैच में उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली।
इसके बाद पुणे में हुए पहले वनडे मैच में भी इशांत बेहद खर्चीले साबित हुए और उन्होंने सात ओवर में 56 रन देकर महज एक सफलता हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोनों मैचों में इशांत बेअसर साबित हुए हैं। गेंदबाजी विभाग में वह इस समय टीम इंडिया के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज हैं और उनका असरहीन होना धोनी को अखर रहा है।
यही हाल विनय कुमार का भी है। पहले वनडे में उन्होंने एक मेडन जरूर डाला पर वह अपनी लय बरकरार नहीं रख सके और नौ ओवर में 68 रन देकर एक सफलता हासिल की।
हालांकि टी-20 में वह खासे सफल रहे थे और चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट झटके थे।
तेज गेंदबाजी में टीम इंडिया की सनसनी भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन बेहतरीन है और शेष वनडे सीरीज में भी उनसे बढ़िया प्रदर्शन की आस है लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिलेगा तो उनके लिए भी लय बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
अश्विन ने भी किया निराश
स्पिन विभाग में टीम इंडिया की सबसे बड़ी आस आर अश्विन पर टिकी है, लेकिन अब तक हुए दोनों मैचों में वह बुरी तरह से फ्लॉप रहे थे।
टी-20 में उन्हें दो ही ओवर फेंकने को मिला और इसमें 41 रन दे डाले। जबकि पहले वनडे मैच में दो विकेट तो जरूर लिए पर इसके लिए 55 रन लुटाने पड़ गए।