निम्न आय वर्ग वाले लोगों के लिए चलाई गई मासिक सीजन पास की ‘इज्जत योजना’ के दुरुपयोग को रोकने के लिए रेलवे ने कमर कस ली है।
उसने योजना के फायदे सही लोगों तक पहुंचाने के लिए अब आय प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है। नया कदम 15 अक्तूबर से अमल में आ जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रेलवे ने 2009-10 के अपने बजट में इस योजना कि घोषणा की थी। जिसका टिकट एकसमान 25 रुपये रखा गया था। इसे सौ किलोमीटर तक की यात्रा के लिए असंगठित क्षेत्र के ऐसे लोगों के लिए जारी किए जाने की बात थी, जिनकी मासिक आय 1500 रुपये से ज्यादा नहीं हो।
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘निम्न आय वर्ग के व्यक्तियों तक योजना को सही रूप में पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।’
पास के लिए आवश्यक दस्तावेज
अब इज्जत पास हासिल करने वाले यात्री को एसडीएम अथवा तहसीलदार से आय प्रमाणपत्र के साथ ही क्षेत्रीय सांसद अथवा जिलाधिकारी से सिफारिशी पत्र हासिल कर डीआरएम ऑफिस में पास के लिए आवेदन करना होगा।
आवेदन के साथ ही यात्री को आवासीय प्रमाण के रूप में फोटो युक्त पहचान पत्र की फोटो कॉपी भी देनी होगी। जबकि, इससे पहले स्थानीय अधिकारियों से अलग से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं थी।
रेलवे ने नियमों के बदलाव संबंधी जारी एक आदेश में कहा है कि इज्जत सीजनल पास के लिए यात्रियों को आवासीय पहचान के रूप में मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, आधार कार्ड, फोटो युक्त नेशनल बैंक की पासबुक या सरकारी विभाग द्वारा जारी किए गए फोटो पहचान पत्र की फोटोकॉपी मान्य होगी।