कनाडा के बल्लेबाजी ऑलराउंडर हर्ष थाकर पर स्कॉटलैंड के खिलाफ आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग-2 मुकाबले के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति जताने के लिए मैच फीस का 30 फीसदी जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में दो डिमेरिट अंक भी जोड़े गए हैं।
आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन
थाकर को आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। यह प्रावधान अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से संबंधित है। यह पिछले 24 महीनों में थाकर का पहला अपराध है।
एलबीडब्ल्यू अपील खारिज होने पर जताई नाराजगी
यह घटना पारी के 26वें ओवर की समाप्ति पर हुई। थाकर ने एलबीडब्ल्यू की अपील की थी, लेकिन मैदानी अंपायर ने उनकी अपील खारिज कर दी। इसके बाद थाकर ने नाराजगी जाहिर करते हुए हाथ हवा में लहराए और सिर हिलाया। इतना ही नहीं, अंपायर से अपनी कैप वापस लेने के बाद उन्होंने मैदान के बाहर मौजूद कनाडाई कोचिंग स्टाफ की ओर इशारा किया और संकेत दिया कि बल्लेबाज आउट था।
थाकर ने स्वीकार की गलती
थाकर ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप को स्वीकार कर लिया और आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के ग्राहम मैकक्री द्वारा प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसलिए इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। उनके खिलाफ आरोप मैदानी अंपायर गाजी सोहेल और इयान मैकडोनाल्ड ने लगाए थे, जबकि रिजर्व अंपायर डेविड मैकलीन भी मामले में शामिल थे।
लेवल-1 उल्लंघन में कितनी सजा?
- आईसीसी की आचार संहिता के तहत लेवल-1 के उल्लंघन में न्यूनतम सजा आधिकारिक चेतावनी होती है, जबकि खिलाड़ी की मैच फीस का अधिकतम 50 फीसदी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा रिकॉर्ड में एक या दो डिमेरिट अंक भी जोड़े जा सकते हैं।
- यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने की अवधि में चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक हासिल करता है, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है। दो सस्पेंशन पॉइंट मिलने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट या दो वनडे या दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से प्रतिबंधित किया जा सकता है, जो भी पहले हो।