सिंगापुर के लोह कीन येव ने बीडब्लूएफ विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वो सिंगापुर पहले पुरुष खिलाड़ी हैं, जिन्होंने यह खिताब जीता है। लोह कीन ने फाइनल मैच में भारत के किदांबी श्रीकांत को 21-15, 22-20 से हराकार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल जीतने के बाद उन्होंने कहा है कि श्रीकांत बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें अपने डिफेंस पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रीकांत के खिलाफ मैच से पहले उन्हें अपने डिफेंस पर काम करना पड़ा तभी वो भारतीय खिलाड़ी को हरा पाए।
फाइनल में हारने के बावजूद श्रीकांत ने इतिहास रच दिया है। वो पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल जीता है। उनके अलावा भारत के लक्ष्य सेन ने भी कांस्य पदक अपने नाम किया। लक्ष्य इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले सबसे युवा भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं।
बीडब्लूएफ से बातचीत के दौरान लोह कीन ने कहा "मैं सोच नहीं सकता। साल की शुरुआत में मैं यह नहीं सोच सकता था कि यह होगा। मैं बहुत खुश हूं। श्रीकांत एक शानदार आक्रामक खिलाड़ी हैं। मुझे ठीक से डिफेंड करने के लिए तैयारी करनी पड़ी। दबाव को झेलना आसान नहीं था। मैंने खुद को शांत रखने की कोशिश की और इसमें कामयाब रहा।"
सिंगापुर के खिलाड़ी ने यह भी बताया कि उन्होंने इस टूर्नामेंट के लिए कैसे तैयारी की। उन्होंने बताया कि बैंकॉक में हार के बाद उन्हें यह समझ आ गया था कि वो दुनिया के बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल नहीं हैं। इसी वजह से उन्होंने ओलंपिक के लिए ट्रेनिंग की और खुद को तैयार किया। इसके बाद उन्होंने विक्टर के साथ ट्रेनिंग की और उन्हें काफी अनुभव मिला।
श्रीकांत ने फाइनल में अपनी हार को लेकर कहा कि उन्होंने अच्छी शुरुआत की, लेकिन वो मैच खत्म नहीं कर सके। साथ ही उन्होंने कहा कि लोह कीन बहुत बेहतर खिलाड़ी हैं उन्होंने शुरुआथ से ही दबाव बनाए रखा।