खालिदा जिया, बांग्लादेश की पूर्व पीएम
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद देश में शोक की लहर दौड़ गई है। इसी के मद्देनजर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के मंगलवार को होने वाले दोनों मुकाबलों को रद्द करने का फैसला लिया है। यह जानकारी ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।
बीपीएल के दोनों मुकाबले रद्द
बीसीबी की ओर से यह घोषणा पहले मैच से महज कुछ घंटे पहले की गई। मंगलवार को दिन का पहला मुकाबला सिलहट टाइटंस और चट्टोग्राम रॉयल्स के बीच सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना था। वहीं, दूसरा मैच ढाका कैपिटल्स और रंगपुर राइडर्स के बीच शाम को इसी मैदान पर होना था। हालांकि, राष्ट्रीय शोक को देखते हुए दोनों ही मुकाबलों को स्थगित कर दिया गया।
बीसीबी का आधिकारिक बयान
बीसीबी ने अपने बयान में खालिदा जिया को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'बीसीबी देश में क्रिकेट की प्रगति के लिए बेगम खालिदा जिया के निरंतर आशीर्वाद और शुभकामनाओं को कृतज्ञता के साथ याद करता है।'
बोर्ड ने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बांग्लादेश में क्रिकेट के विकास के लिए असाधारण समर्थन दिया। क्रिकेट इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार और खेल के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।'
मैच दोबारा होंगे आयोजित
बीसीबी ने यह भी स्पष्ट किया कि 'राष्ट्रीय शोक और बेगम खालिदा जिया की विरासत के सम्मान में आज के निर्धारित बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मुकाबलों को रद्द किया गया है। इन मैचों को दोबारा आयोजित किया जाएगा और संशोधित कार्यक्रम की जानकारी समय पर दी जाएगी।'
80 वर्ष की आयु में हुआ निधन
बेगम खालिदा जिया का मंगलवार सुबह ढाका के एवरकेयर अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनकी उम्र 80 वर्ष थी। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'खालिदा जिया का निधन सुबह करीब छह बजे, फजर की नमाज के तुरंत बाद हुआ।' पार्टी ने यह भी कहा, 'हम उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ करते हैं और सभी से प्रार्थना करने का आग्रह करते हैं।'
लंबे समय से बीमार थीं खालिदा जिया
खालिदा जिया को 23 नवंबर को फेफड़ों में संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह लंबे समय से हृदय रोग, मधुमेह, गठिया, लिवर सिरोसिस और किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। हाल ही में उन्हें बेहतर इलाज के लिए लंदन भी भेजा गया था।