दरअसल, विश्वनाथ ने जिस मैच में भी शतक लगाया, भारत वो मैच कभी नहीं हारा। उन्होंने 14 शतक लगाए। भारत ने इनमें से 13 मैच जीते, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। कानपुर में 1969 में खेले गए दूसरे टेस्ट में विश्वनाथ ने डेब्यू किया। पहली पारी में तो वे शून्य पर आउट हो गए, लेकिन दूसरी पारी में 137 रन की पारी खेली। सिर्फ यही मैच ऐसा था जो ड्रॉ पर छूटा।