भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) विवादित अंपायर निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) लागू करने को लेकर सकारात्मक लग रहा है। बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा है कि बोर्ड को विवादित डीआरएस प्रणाली लागू करने से कोई परहेज नहीं है लेकिन इसे कम से कम पूर्णता के स्तर के करीब होना चाहिए।
ठाकुर ने कहा, "हम इस प्रणाली को लेकर अनिच्छुक नहीं है। इस मसले को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की 9 से 13 अक्टूबर तक केपटाउन में होने वाली सीईसी बैठक में भी उठाएंगे। हम डीआरएस प्रणाली को एक बार फिर देखेंगे और यदि हमें यह संतोषजनक लगा तो बोर्ड इसे जरूर लागू करेगा। हम इस सत्र में 13 टेस्ट मैचों की मेजबानी कर रहे हैं और डीआरएस के ताजा ट्रायल के बाद इस पर जरूर विचार करेंगे।"
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, "यदि अंपायर बिना डीआरएस के ही 95-97 प्रतिशत तक सही फैसले दे रहे हैं और यही परिणाम अगर डीआरएस लागू करने के बाद भी मिलते हैं तो फिर क्या अंतर रहा। हम यही चाहते हैं कि यदि 100 प्रतिशत तक सही फैसले नहीं मिलते तो फिर हम मैदानी अंपायर से बेहतर नहीं होंगे। बोर्ड इसे लागू करने के लिए तैयार है लेकिन इसे 100 प्रतिशत तक सही भी होना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "21वीं सदी में डिजिटाइजेशन का जमाना है और ऐसे में कुछ भी नहीं है तो तकनीक का इस्तेमाल करने से हमें रोके। टीम इंडिया के कोच और आईसीसी क्रिकेट समिति के चेयरमैन अनिल कुंबले इस मामले को देख रहे हैं। हम चाहते हैं कि फुलप्रूफ डीआरएस का इस्तेमाल हो। कुंबले टेस्ट कप्तान विराट कोहली के साथ चर्चा करेंगे और अपने विचारों को साझा करेंगे।"