डब्ल्यू.वी. रमन
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प्रशासकों की समिति (सीओए) ने यहां हुई बैठक में फैसला किया कि बीसीसीआई लोकपाल और नैतिक अधिकारी डीके जैन द्वारा महिला टीम के मुख्य कोच डब्ल्यू वी रमन की विवादास्पद परिस्थितियों में हुई नियुक्ति की समीक्षा की जाएगी।
पूर्व कप्तान कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और एस रंगास्वामी के तदर्थ पैनल ने चयन प्रक्रिया के बाद दिसंबर में पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज रमन को नियुक्त किया था। हालांकि चेयरमैन विनोद राय और डायना इडुल्जी के दो सदस्यीय सीओए समिति की कोच चयन प्रक्रिया को लेकर अलग अलग राय थी।
राय ने जहां इस नियुक्ति को मंजूरी दी थी तो इडुल्जी ने पूरी प्रक्रिया को अंसवैधानिक करार दिया था और कहा था कि सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली वाली क्रिकेट सलाहकार समिति को कोच चुनने की जिम्मेदारी दी जा सकती थी। चार महीने बाद इस मामले को बीसीसीआई लोकपाल के सुपुर्द कर दिया गया।
बीसीसीआई अधिकारी ने यहां बैठक के बाद पीटीआई से कहा, 'हमने इस मामले को लोकपाल के सुपुर्द कर दिया और यह उनका फैसला होगा कि इस नियुक्ति की समीक्षा की जानी चाहिए या नहीं।'