बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति के प्रमुख विनोद राय निलंबित क्रिकेटरों हार्दिक पंड्या और लोकेश राहुल के टीवी कार्यक्रम में महिलाओं को लेकर की गई अनुचित टिप्पणी मामले में जल्द सुनवाई चाहते हैं लेकिन डायना एडुल्जी को लग रहा कि ऐसा होने पर मामले में 'लीपापोती' होने की संभावना है। प्रशासकों की दो सदस्यीय समिति में इस मामले की जांच के तरीके पर भी मतभेद है।
पंड्या और राहुल ने टीवी कार्यक्रम 'कॉफी विद करण' में महिलाओं को लेकर अनुचित टिप्पणी की थी जिसके बाद उन्हें मामले की जांच जारी रहने तक निलंबित कर दिया गया था। दोनों खिलाड़ियों के ऑस्ट्रेलिया दौरे से जल्द भारत पहुंचने की संभावना है। एडुल्जी और राय केबीच ईमेल के जरिये हुई बातचीत में एडुल्जी ने बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी के मामले की शुरुआती जांच करने पर आशंका जताई।
एडुल्जी के मुताबिक जौहरी खुद यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे थे और इससे जांच में लीपापोती की जा सकती है। एडुल्जी के उलट राय चाहते हैं कि मामले की जांच दूसरे एकदिवसीय से पहले पूरी कर ली जाए क्योंकि इसमें देरी से टीम की मजबूती पर असर पड़ेगा। राय का मानना है कि जांच जल्दी पूरी की जानी चाहिए क्योंकि टीम में खिलाड़ियों की संख्या 15 से 13 हो गई है।
बीसीसीआई की विधि टीम ने इस मामले में तदर्थ लोकपाल की नियुक्ति की मांग की जबकि राय इसमें न्याय मित्र का विचार जानना चाहते हैं। एडुल्जी चाहती हैं कि सीओए और पदाधिकारी जांच का हिस्सा बनें क्योंकि सीईओ की मौजूदगी को 'गलत नजरिये' से देखा जाएगा।