वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की जर्सी पर ड्रीम-11 लिखा हुआ देखा जाएगा। बायजू का कॉन्ट्रैक्ट इस वीत्तीय वर्ष खत्म हो गया था। आइए जानते हैं कि ड्रीम 11 से पहले कौन-सी कंपनियां टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सर रही है...
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म ड्रीम 11 को भारतीय टीम का नया जर्सी स्पॉन्सर बनाया है। ड्रीम 11 ने बायजू की जगह ली है। वह छठी ऐसी कंपनी है जिसका नाम भारतीय टीम की जर्सी पर सामने से दिखेगा। ड्रीम-11 और बीसीसीआई के बीच तीन साल का करार हुआ है। हालांकि, यह करार कितने का हुआ है, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।
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वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की जर्सी पर ड्रीम-11 लिखा हुआ देखा जाएगा। बायजू का कॉन्ट्रैक्ट इस वीत्तीय वर्ष खत्म हो गया था। आइए जानते हैं कि ड्रीम 11 से पहले कौन-सी कंपनियां टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सर रही है...
आईटीसी लिमिटेड (1993-2001)
सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत की प्रमुख कंपनियों में से एक आईटीसी लिमिटेड 1993 से 2001 तक भारतीय टीम की जर्सी स्पॉन्सर रही थी। आईटीसी के ब्रांडों विल्स और आईटीसी होटल्स के नामों को टीम की जर्सी पर देखा गया था।
कंपनी की मौजूदा स्थिति: आईटीसी का मार्केट कैप 56.12 खरब रुपये है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में उसे करीब पांच हजार करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
सहारा इंडिया (2002-2013)
नेटवेस्ट ट्रॉफी के साथ भारतीय टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
सहारा इंडिया परिवार सबसे लंबे समय तक भारतीय टीम की जर्सी स्पॉन्सर रही। बीसीसीआई और उसके बीच करार 2002 से 2013 तक रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सहारा ने प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए 3.34 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। सहारा के जर्सी स्पॉन्सर रहते हुए टीम इंडिया 2007 में टी20 विश्व कप और 2011 में वनडे विश्व कप जीती थी।
कंपनी की मौजूदा स्थिति: सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के जेल जाने के बाद कंपनी बेहद बुरे दौर से गुजर रही है।
स्टार इंडिया (2014-2017)
भारतीय क्रिकेट टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत के प्रमुख मीडिया समूहों में से एक स्टार इंडिया 2014 से 2017 तक भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी प्रायोजक रही। भारतीय मीडिया समूह ने कथित तौर पर प्रत्येक द्विपक्षीय मैच के लिए 1.92 करोड़ रुपये और एक आईसीसी मैच के लिए 61 लाख रुपये का भुगतान किया था।
कंपनी की मौजूदा स्थिति: स्टार इंडिया की स्थिति अच्छी है और वह अभी भी प्रमुख मीडिया समूहों में बनी हुई है।
ओप्पो (2017-2019)
विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
एक प्रमुख स्मार्टफोन निर्माता ओप्पो ने 2017 से 2019 तक भारतीय टीम के जर्सी स्पॉन्सर अधिकार अपने नाम किया था। कथित तौर पर ओप्पो ने 2017 में प्रायोजन के लिए वीवो मोबाइल्स से अधिक बोली लगाई। उसने पांच साल के लिए 1,079 करोड़ रुपये में करार किया था। कंपनी ने बाद में बाजार छोड़ने और उसी कीमत पर अधिकार बायजू को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया। कंपनी का मानना था कि 2017 में टीम इंडिया की जर्सी की रकम बहुत अधिक थी जो की वर्तमान में कंपनी के पैमाने पर खरी नहीं उतर रही है।
कंपनी की मौजूदा स्थिति: ओप्पो ने 2021 की पहली तिमाही में 3.7 करोड़ फोन बेचे थे। दो साल में यह काफी घट गया। 2023 की पहली तिमाही में उसने 2.7 करोड़ फोन ही बेचे।
2019 में बायजू ने टीम के पिछले जर्सी स्पॉन्सर ओप्पो से सभी जिम्मेदारियां ले लीं। बायजू ने जून 2022 में अनुमानित 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर में बोर्ड के साथ अपने जर्सी प्रायोजन सौदे को नवंबर 2023 तक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की थी। बायजू ने बीसीसीआई के साथ अपने अनुबंध को खत्म करने का अनुरोध किया। इस पर बोर्ड ने कंपनी को मार्च 2023 तक साथ बने रहने के लिए कहा था। दोनों के बीच सहमति हुई और बायजू मार्च तक टीम का जर्सी स्पॉन्सर था। अब बोर्ड ने इस अधिकार को ड्रीम 11 के हाथों में दे दिया है।
कंपनी की मौजूदा स्थिति: मार्च 2022 बायजू का वैल्युएशन 22 अरब डॉलर था जो कंपनी के हालिया विवादों के कारण घटकर आठ अरब डॉलर रह गया है।