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खिलाड़ियों को फिट रखने के लिए बीसीसीआई का बड़ा कदम, प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 500 करोड़

Tue, 26 Feb 2019 11:19 PM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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बीसीसीआई
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बीसीसीआई ने मैदान चोटिल हुए खिलाड़ियों को चोट से उबारने के लिए स्पोर्ट्स मेडिसिन रिसर्च इंस्टीट्यूट खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे पूरा करने के लिए बीसीसीआई देश के नामी मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी से बात कर रहा है।हालांकि बोर्ड अपने इस प्रोजेक्ट में अभी छह महीने पीछे है।  

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ऐसा माना जा रहा है कि बोर्ड बेंगलुरु स्थित एनसीए में स्पोर्ट्स मेडिसिन रिसर्च के लिए सेंटर ऑफ एक्सलेंस की स्थापना करना चाहता है। एक हिंदी अखबार के मुताबिक बीसीसीआई खास किस्म का स्पोर्ट्स मेडिकल करिकुलम प्रोग्राम शुरू करेगा। खिलाड़ियों की फिटनेस से जुड़े फिजियो और ट्रेनर्स की ज्वॉइनिंग के लिए क्वॉलिफिकेशन योग्यता को अपग्रेड करेगा।

सूत्रों के मुताबिक बीसीसीआई बेंगलुरु में खरीदी गई 40 एकड़ जमीन पर इस प्रोजेक्ट को पूरा करेगा। इसी जमीन पर नेशनल क्रिकेट अकेडमी (एनसीए) को भी शिफ्ट किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर कुल निवेश 500 करोड़ बताया जा रहा है। हाल ही में नेशनल टीम के टेस्ट विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा की चोट का इलाज में जो लंबा वक्त लगा, उससे इसकी प्रासंगिता पर सवाल खड़े हुए।
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इसमें बीसीसीआई ने ट्रेनर्स के लिए शैक्षिक योग्यता को भी अपग्रेड किया है। अब बीसीसीआई में ट्रेनर्स बनने के लिए किसी उम्मीदवार को ऑस्ट्रेलियन स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग असोसिएशन लेवल 2, यूके स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग असोसिएशन और सर्टीफाइड स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग स्पेशलिस्ट से सर्टीफाइड होना जरूरी है। यह मानदंड एनसीए में नियुक्त टीम इंडिया ट्रेनर शंकर बसु और उनकी टीम ने तैयार किए हैं।

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