भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारियों ने मोटी रकम के नुकसान होने की वजह से प्रशासकों की समिति (सीओए) को कहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बाद घरेलू या अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के लिए 15 दिन का अंतर (गैप) रखना साल 2023 तक नामुमकिन है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रिटायर्ड जस्टिस आरएम लोढा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों को 2023 तक वो सम्मान देने में समर्थ नहीं है। दरअसल, लोढा समिति ने खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिलने को देखते हुए सिफारिश की थी कि आईपीएल के अगले 15 दिन तक कोई घरेलू या इंटरनेशनल मैच नहीं कराया जाए।
ये भी पढ़ें : आखिर क्यों खत्म हुआ इरफान पठान का करियर, एक थीसिस में हुआ खुलासा!
सूत्रों से पता चला है कि बोर्ड अधिकारियों ने बता दिया है कि वो इस मामले में कुछ नहीं कर सकते और न ही इसका कोई हल खोज सकते हैं क्योंकि फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) पहले ही तय हो चुका है।
यह भी जानकारी मिली है कि सीओए के चेयरमैन विनोद राय ने अधिकारियों से पूछा है कि बीसीसीआई ने हाल ही में संपन्न वार्षिक बैठक में ये मुद्दा क्यों नहीं उठाया, जहां लोढा सुधार के बारे में बात हुई थी।
एक सूत्र ने कहा, 'सभी शांत थे जब राय ने बोर्ड अधिकारियों के सामने ये मामला उठाया था। सीओए-बीसीसीआई की बैठक के मिनटों की जानकारी अब सुप्रीम कोर्ट को दे दी गई है। हो सकता है कि स्टेटस रिपोर्ट में भी इसका विवरण दिया गया हो जो बीसीसीआई के लिए अच्छी खबर नहीं होगी।'