स्पॉट फिक्सिंग में फंसने के कारण 10 साल का प्रतिबंध झेल रहे पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सलमान बट ने अपनी सजा कम करने की अपील की है। 28 वर्षीय बट ने अपने वकील की ओर से जारी बयान में कहा, ‘कुछ लोगों के लिए यह कहना आसान होगा कि मुझ पर इतना प्रतिबंध लगाया जाना ठीक है लेकिन वे यह नहीं समझते कि मेरे जैसे खिलाड़ी के लिए यह आजीवन प्रतिबंध की तरह है।'
उन्होंने कहा, 'मेरा पूरा परिवार और मेरा पूरा जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। क्रिकेट मेरा जीवन है और इसके बिना मेरा हर दिन बहुत कष्ट में कट रहा है क्योंकि मैं खेल नहीं सकता। मैं फिर से क्रिकेट खेलना चाहता हूं। मैं अभी युवा हूं और अब भी खेल सकता हूं।’
इससे पहले सुनवाई के लिए स्विटजरलैंड रवाना होने से पहले बट ने कहा, ‘मुझे पूरी उम्मीद है कि वहां हमें न्याय मिलेगा। मैंने खेल पंचाट में अपील दायर की है जिसमें मैंने खुद को बेगुनाह बताया है। मैंने कहा है कि मैंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है।’
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट के साथ तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ भी स्पॉट फिक्सिंग मामले में दोषी हैं। इन दोनों पाकिस्तानी खिलाड़ियों और युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर पर स्पॉट फिक्सिंग मामले में 2011 में प्रतिबंध लगाया गया था।
लंदन के क्राउन कोर्ट में बाद में उन पर मुकदमा चला और जेल की सजा काटकर वे पिछले साल स्वदेश लौटे। बट और आसिफ ने खेल पंचाट में अपील की जबकि आमिर ने ऐसा नहीं किया।