भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने टीम इंडिया के कोच बनने की इच्छा जाहिर की है। अजहर ने कहा कि अगर बीसीसीआई उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपती है तो वह इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने जितने भी क्रिकेट खेले हैं उससे काफी कुछ सीखा है।'
उन्होंने कहा, 'मैं चाहता हूं कि अपने इस अनुभव को युवा खिलाड़ियों को तराशने में लगाऊं। यह बोर्ड पर निर्भर करता है कि वह मेरा किस तरह से इस्तेमाल करता है। मैं निश्चित रूप से भारतीय क्रिकेट को अपना योगदान देना चाहता हूं। यह पूरी तरह बोर्ड पर निर्भर है कि वह मुझे कोच नियुक्त करता है या कुछ और लेकिन मुझे भारतीय क्रिकेट की हित के लिए जिस तरह की भी जिम्मेदारी दी जाएगी मैं उसे खुशी खुशी स्वीकार करूंगा।’
अजहर यहां भारत और पाकिस्तान के छात्रों के बीच लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए दोस्ताना मैच में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। 49 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर और सांसद अजहर ने कहा कि अब समय आ गया है कि टीम में युवा खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मौका दिया जाए। बकौल अजहर, ‘अब ऐसे क्रिकेटरों की जरूरत है जो क्रिकेट के हर प्रारूप में खेल पाए। हालांकि देश के पास अभी ऐसे कई क्रिकेटर हैं बस जरूरत है कि उन्हें टीम में शामिल किया जाए।’
गौरतलब है कि बीसीसीआई द्वारा अजहर पर लगाए गए मैच फिक्सिंग के आरोप से आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पिछले साल नवंबर में बरी कर दिया था। अजहर ने इस पर खुशी जताते हुए कहा, ‘आरोप से बरी होकर मैं बेहद खुश हूं। अब एक क्रिकेटर और राजनीतिज्ञ होने की बदौलत मैं लोगों की मदद करना चाहता हूं। मैंने कुछ बेहतर करने के लिए ही राजनीति में कदम रखा है।’
उध्ार टीम इंडिया के वर्तमान कोच डंकन फ्लेचर का कार्यकाल इसी साल अप्रैल में खत्म हो रहा है। साथ ही उनके कार्यकाल में टीम इंडिया के गिरते प्रदर्शन को देखते हुए इस आगे बढ़ाए जाने की कम ही संभावना दिख रही है।