अफगानिस्तान की बांग्लादेश पर जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया का सफर टी20 विश्व कप में सुपर आठ चरण में ही थम गया। भारत ने भी सोमवार को ऑस्ट्रेलिया को हराया था। इसके साथ ही कंगारू टीम के दिग्गज सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर का 15 साल लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया। उन्होंने काफी पहले ही संकेत दे दिया था कि यह टी20 विश्व कप उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होगा।
वॉर्नर के लिए दुख की बात यह रही कि वह अपने अंतिम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया को चैंपियन नहीं बना सके। वॉर्नर का करियर कई उपलब्धियों के साथ विवादों से भी भरा रहा। जनवरी 2009 में टी20 मुकाबले के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले 37 वर्षीय वार्नर ने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 24 जून को ग्रॉस आइलेट में भारत के खिलाफ खेला जिसमें ऑस्ट्रेलिया को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। 2021 का चैंपियन ऑस्ट्रेलिया सिर्फ दो अंक के साथ सुपर आठ ग्रुप एक तालिका में तीसरे स्थान पर रहा।
वॉर्नर को नहीं मिल सकी विजयी विदाई
ऑस्ट्रेलिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में से एक वार्नर को गॉर्ड ऑफ ऑनर नहीं मिल सका और ना ही दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। अपने अंतिम मुकाबले में उन्होंने छह गेंद में छह रन बनाए और अर्शदीप सिंह की गेंद पर सूर्यकुमार यादव को कैच दे बैठे। वह सिर झुकाए मैदान से बाहर चले गए, उन्हें नहीं पता था कि यह उनका आखिरी मैच था या नहीं। वार्नर ने नवंबर 2023 में भारत में विश्व कप फाइनल जीत के रूप में अपना आखिरी वनडे मैच और इस साल जनवरी में पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट खेला था।
टी20 के दिग्गज बल्लेबाज हैं वॉर्नर
वॉर्नर की पहचान आक्रमक बल्लेबाज के तौर पर रही है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 110 टी20 मैचों में 3277 रन बनाए हैं जिसमे एक शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं। वॉर्नर ने 2019 में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 में शतक जड़ा था और वह तीनों प्रारूप में शतक लगाने वाले ऑस्ट्रेलिया के तीसरे खिलाड़ी बने थे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा वॉर्नर दुनिया भर की टी20 लीग में खेलते हैं जिसमे आईपीएल भी शामिल है। 2021 में वह ऐसे चौथे बल्लेबाज बने थे जिन्होंने टी20 में 10000 रन बनाए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने भी भारत के खिलाफ मिली हार के बाद वॉर्नर के संन्यास लेने पर अपनी राय रखी। हेजलवुड ने कहा, हमें टीम में तथा मैदान के अंदर उनकी कमी वाकई महसूस होगी। सभी प्रारूप में उनका करियर शानदार रहा। उन्होंने पहले टेस्ट, फिर वनडे और अब टी20 क्रिकेट को अलविदा कहा। जिस खिलाड़ी के साथ आप लंबे समय तक खेले हों उसका खेल को छोड़कर जाना एक अलग अहसास होता है।