एक कोच का काम अपनी टीम को कोचिंग देना है, जिसमें अनुशासन और संयम सिखाना शामिल होता है। लेकिन जब कोच खुद अपने लक्ष्य से भटक जाए, तो उसे सबक सिखाया जाना जरूरी है।
ऐसा ही हुआ जब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कोच डेरेन लेमैन ने बयानबाजी शुरू की, तो उन्हें सबक सिखाने और अपनी मर्यादा की सीमा लांघने के लिए मैच रेफरी ने उनकी 20 फीसदी मैच फीस काट ली।
एशेज सीरीज के पांचवें मैच से पहले उन्होंने एक ऑस्ट्रेलियाई रेडियो चैनल से बातचीत के दौरान भड़काऊ बयान देते हुए कहा था कि इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड जब रिटर्न एशेज सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया आएंगे, तो उन्हें इतना हूट किया जाए कि वह परेशान हो जाएं और रोते हुए लौटें।
लेमैन का गुस्सा फूटा, कहा 'ब्रॉड का जीना हराम कर दो'
खिलाड़ियों और खिलाड़ियों से जुड़े अन्य लोगों के लिए बनी आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.1.7 के तहत लेमैन को दोषी पाया गया।
इस ऑस्ट्रेलियाई कोच ने आईसीसी मैच रेफरी रोशन महानामा के सामने अपनी गलती मान ली और जुर्माना भरना स्वीकार किया। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने उनके खिलाफ आरोप लगाया था।