2004 में अटल जी की पहल के बाद ही आतंक के साये में भारत ने पाकिस्तान का ऐतिहासिक दौरा किया था। इसे दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम धूरी माना गया था। अपने कार्यकाल के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत-पाकिस्तान के बीच आए रिश्तों में खटास को हटाने के लिए खेल की मदद ली थी। लगभग 14 साल बाद पहली बार टीम इंडिया साल 2004 में सौरव गांगुली की कप्तानी में पांच वन-डे और तीन टेस्ट की सीरीज खेलने पाकिस्तान रवाना हुई थी।
बहरहाल, इससे भी पहले अटल जी ने भारत-पाकिस्तान रिश्ते सुधारने के लिए अहम कदम उठाया था। उन्होंने फरवरी 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच शांति बढ़ाने के इरादे से बस सेवा शुरू की। इस बस सर्विस को आधिकारिक रूप से सदा-ए-सरहद के नाम से जाना जाता है। भारत-पाक रिश्तों में नरमी लाने और दोनों देशों के बीच यातायात की सुविधा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाजपेयी ने यह बस सर्विस शुरू की थी।
इस बस में उनके साथ कई मशहूर बॉलीवुड और क्रिकेट सेलिब्रिटीज भी मौजूद थीं। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव भी अटल जी के साथ इसमें मौजूद थे। उन्होंने एक कॉमेडी शो में अटल बिहारी जी को लेकर एक मजेदार किस्सा भी बताया और साथ ही यह भी कहा कि वह इतने ज्ञानी थे कि जानते थे कि क्रिकेट से दोनों देशों के बीच क्या फर्क पड़ेगा।
कपिल ने इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की मिमिक्री भी की, जिस पर दर्शकों ने जोरदार ठहाके भी लगाए। कपिल देव ने कहा, 'अटल जी के साथ हम सभी पाकिस्तान उस बस में गए थे। मैं और जावेद साहब बैठे देख रहे थे कि कैसे देव आनंद और अटल बिहारी के बीच वार्तालाप हो रही है, जिस पर हम अपनी हंसी नहीं रोक सके। अटल जी अपने चिर-परिचित अंदाज में धीमे-धीमे चल रहे थे जबकि देव आनंद साहब अपनी पूरी ऊर्जा के साथ अटल जी से बातचीत करने में मग्न थे।'
इस दौरान कपिल देव ने अटल जी और देव आनंद की मिमिक्री करके बताई और फिर कहा कि ये दोनों हस्तियां महान हैं। अटल जी के बारे में कपिल देव ने कहा, 'वह एक महान शख्सियत हैं, जो हर चीज की अहमियत जानते हैं। उन्हें पता था कि क्रिकेट से दोनों देशों के बीच रिश्ते कैसे सुधर सकते हैं।' इसका परिणाम 2004 में देखने को भी मिला जब टीम इंडिया पूरी सीरीज (टेस्ट और वन-डे) के लिए पाकिस्तान गई थी।
सौरव गांगुली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने पाकिस्तान में ऐतिहासिक जीत दर्ज की और अपने प्रधानमंत्री का मान बढ़ाया।