एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाड़ियों के बीच जुबानी जंग जारी है। इस बीच दोनों टीमों के बीच चल रही जुबानी जंग में अब उनके कोच भी मैदान में कूद पड़े हैं।
ऑस्ट्रेलियाई कोच डेरेन लीमैन ने इंग्लैंड के कोच एंडी फ्लावर से दूसरे टेस्ट से पहले मिलकर इस मामले के हल की पेशकश को ठुकरा दिया है।
समझौते का प्रस्ताव
फ्लावर ने कहा था कि पहले टेस्ट के दौरान दोनों टीमों के बीच जिस तरह का तनाव पैदा हुआ है उसे खत्म करने के लिए कुछ समाधान निकाला जाना चाहिए। लेकिन, लीमैन ने साफ किया है कि वह अपनी टीम को देखेंगे और फ्लावर को अपनी टीम का ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से एंडी को अपनी और मुझे अपनी टीम का ध्यान रखना चाहिए। क्रिकेट में ऐसा ही होता है। मैं एंडी के साथ काफी क्रिकेट खेल चुका हूं और उनसे बात भी करता हूं। लेकिन अंत में इंग्लैंड का कंट्रोल उन्हीं के हाथ मैं है।"
कंगारू कोच ने तल्ख लहजे में कहा, "मैदान पर आपत्तिजनक भाषा और फब्तियां प्रतिक्रिया का हिस्सा होती हैं और इंग्लैंड को इसी के साथ खेलना होगा। टीम के सभी खिलाड़ी परिपक्व हैं और उन्हें आपस में इसका हल निकालना होगा। हमने इंग्लैंड में इन बातों का बहुत सामना किया है और हम इससे घबराते नहीं हैं।"
'इंग्लैंड के जवाबी हमलों पर नहीं रहेंगे चुप'
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि यदि एशेज के आगामी मैचों में मेहमान टीम इंग्लैंड की ओर से वाकयुद्ध जारी रहेगा तो उनकी टीम भी चुप नहीं बैठेगी।
पहले टेस्ट में नौ विकेट लेने वाले जॉनसन ने कहा, "मुझे लगता है कि इन जवाबी हमलों से इंग्लैंड पर असर पड़ा है। मैंने सुना है कि उनके कोच हमसे चुप रहने और शांति बनाए रखने की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन यदि इंग्लैंड चुप नहीं रहेगा तो वह हमसे शांति बनाए रखने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।"
जॉनसन इंग्लैंड के बल्लेबाज जोनाथन ट्रोट की मानसिक बीमारी की बात सुनकर स्तब्ध रह गए। खराब फॉर्म से जूझ रहे ट्रोट इस कारण सीरीज के बाकी बचे मैचों से बाहर हो गए है।
जॉनसन ने कहा, "मैं यह सुनकर चकित रह गया। जब आप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं तो ऐसी समस्याएं हो जाती हैं। इन स्थितियों में आप जीवन की हर छोटी-बड़ी बातों के बारे में सोचने लगते हैं। ट्रोट के साथ भी हो सकता है कि ऐसा ही हुआ हो। मुझे उम्मीद है कि वह जल्द ही इन समस्याओं से उबर कर जल्दी वापसी करेंगे।"
खुद जॉनसन भी 2011 में खराब फॉर्म के बाद इस दौर से गुजर चुके हैं और उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा था।