एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम का शर्मनाक प्रदर्शन जारी है। चौथे टेस्ट मैच में जिस तरह से कंगारुओं ने हथियार डाल दिए उससे ऐसा लगता है कि टीम अब जीतना भूल गई है।
फरवरी-मार्च में भारत दौरे पर आई ऑस्ट्रेलियाई टीम को उस समय चार मैचों की टेस्ट सीरीज में हार का मुंह देखना पड़ा था और तब से लेकर आज तक उसकी जीत की तलाश जारी है।
नौ नंवबर 2012 से लेकर 13 अगस्त 2013 तक ऑस्ट्रेलिया ने 14 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें आठ में हार मिली है जबकि तीन मैच ड्रॉ रहे और महज तीन में जीत मिली है।
इस दौरान कंगारू टीम को श्रीलंका टीम के खिलाफ तीन मैचों में जीत मिली है। यह जीत भी इस मायने में खास नहीं है क्योंकि श्रीलंकाई टीम का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया में बेहद खराब रहा है।
भारत दौरे पर सभी चारों मैच गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया को एशेज में शुरुआती दो मैचों में हार मिली। लगातार छह मैचों में हार के बाद एशेज का तीसरा टेस्ट (मैनचेस्टर) बारिश के कारण ड्रॉ पर खत्म हुआ। हालांकि इस मैच में ऑस्ट्रेलिया मजबूत स्थिति में दिख रही थी।
लेकिन चौथे मैच में फिर कंगारू टीम को शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस मैच में माइकल क्लार्क की टीम को जीत के लिए 299 रनों का लक्ष्य मिला और जिस तरह से टीम को शुरुआत मिली उससे यही लगा कि वे चेस्टर ली स्ट्रीट (डरहम) में हार का सिलसिला तोड़ लेगी। लेकिन टीम 74 रन पहले ही ऑलआउट हो गई।
भारत दौरे के बाद एशेज सीरीज में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम कई मौकों पर दबाव में बिखर गई जिसका खमियाजा हार के रूप में भुगतना पड़ा।
एक दशक पहले क्रिकेट जगत में राज करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का पिछले साल नवंबर 2012 में ब्रिसबेन में दक्षिण अफ्रीका के हाथों हार के बाद हार का सिलसिला थम नहीं रहा है।