चारा घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है।
कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश को बदलने की लालू यादव की याचिका खारिज कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
कोर्ट ने कहा कि न्यायाधीश के किसी मंत्री का रिश्तेदार होना उसके बदले जाने का आधार नहीं हो सकता है।
पक्षपात का लगाया था आरोप
लालू ने अपनी याचिका में विशेष अदालत के न्यायाधीश पीके सिंह पर पक्षपात का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि न्यायाधीश पीके सिंह नीतीश सरकार में शिक्षा मंत्री पीके शाही के रिश्तेदार हैं, इसलिए वह पक्षपात कर सकते हैं।
झारखंड की अदालत में चल रहे इस मुकदमे में लालू प्रसाद यादव आरोपी हैं। 1996 में उनके मुख्यमंत्री काल में करोड़ों रुपए का चारा घोटाला हुआ था।