क्या आप विश्वास करेंगे कि कोई भारतीय क्रिकेटर 10 साल से ज्यादा के अंतरराष्ट्रीय करियर में हो और वह पहली बार अपनी धरती पर वनडे मैच खेले।
टीम इंडिया को सात मैचों की सीरीज बचाने के लिए नागपुर वनडे में हर हाल में जीत हासिल करनी है। ऐसे में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टीम की सबसे पसंदीदा आक्रमण फिरकी गेंदबाजी पर भरोसा जताया।
आज के मैच में टीम इंडिया में आर अश्विन, रवींद्र जडेजा के अलावा अमित मिश्रा बतौर फिरकी गेंदबाज शामिल किए गए हैं। भारत इस मैच में तीन स्पिनरों के साथ मैदान पर उतरा है।
सात मैचों की सीरीज में अब तक पांच मैच हो चुके हैं और भारत इस समय ऑस्ट्रेलिया से 1-2 से पीछे हैं। जबकि दो मैच बारिश के कारण धुल गए थे।
अमित के लिए दोहरी खुशी
ऑफ स्पिनर अमित के लिए आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। वह न सिर्फ इस सीरीज में पहली बार मैच खेल रहे हैं बल्कि पहली बार भारत की सरजमीं पर अपना पहला वनडे मैच खेलेंगे।
अमित ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज 13 अप्रैल, 2003 को ढाका में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैच खेलकर किया था।
अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने एक विकेट हासिल किया था। हालांकि उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था।
10 साल में महज 20 मैच
10 साल से ज्यादा के अपने करियर में वह महज 20 वनडे मैच ही खेल सके हैं। आज वह अपना 21वां वनडे मैच खेल रहे हैं।
इस साल जुलाई में महेंद्र सिंह धोनी समेत कई बड़े खिलाड़ियों के छुट्टी पर जाने के कारण जिम्बाब्वे दौरे पर विराट कोहली की अगुवाई में घोषित भारतीय टीम में अमित मिश्रा को मौका दिया गया।
हरियाणा के इस फिरकी गेंदबाज ने तब तकरीबन दो साल बाद टीम इंडिया में वापसी की थी।
जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज से वनडे क्रिकेट में वापसी करने वाले अमित मिश्रा ने शानदार गेंदबाजी की थी और एक सीरीज में सर्वाधिक 18 विकेट झटकने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी।
तीनों फॉरमेट में खेल चुके
भारत ने पांच मैचों की वनडे सीरीज में जिम्बाब्वे को 5-0 से हराकर पहली बार विदेशी धरती पर क्लीन स्वीप करने का कारनामा किया था।
अपने ही देश में पहला वनडे मैच खेलने के लिए 10 साल से ज्यादा का इंतजार करने वाले अमित मिश्रा ने टीम इंडिया के साथ बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे का दौरा किया था।
वनडे के अलावा अमित मिश्रा ने टेस्ट क्रिकेट में 13 मैच और एकमात्र ट्वंटी-20 खेले हैं।