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Amar Ujala Samwad: गांगुली को लेकर हरभजन ने सुनाया मजेदार किस्सा, बोले- हमने उन्हें इस तरह बनाया था अप्रैल फूल

Tue, 10 Jun 2025 03:09 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में आए। उन्होंने इस दौरान अपने करियर से जुड़े किस्से सुनाए और बताया कि किस तरह उन्होंने, युवराज ने और नेहरा ने सौरव गांगुली को अप्रैल फूल बनाया था। 
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हरभजन सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह अमर उजाला के प्रतिष्ठित कार्यक्रम संवाद में शामिल हुए। यह कार्यक्रम देहरादून में आयोजित किया जा रहा है। हरभजन ने इस दौरान अपने करियर से जुड़ी कहानियां बताई। इसी कड़ी में हरभजन ने बताया कि किस तरह उन्होंने एक बार युवराज सिंह और आशीष नेहरा के साथ मिलकर सौरव गांगुली को अप्रैल फूल बनाया था। हरभजन ने कहा कि गांगुली को अप्रैल फूल बनाने में सचिन तेंदुलकर ने भी उनका साथ दिया था।  
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हरभजन ने सुनाया गांगुली से जुड़ा मजेदार किस्सा
हमारी टीम में मैं, युवी और आशीष नेहरा थे। हमारा गुट था जो टीम में मस्ती करता था। हमने एक बाद गांगुली को अप्रैल फूल बनाया था। हमने पेपर कटिंग्स तैयार किए थे जिसमें लिखा था कि युवराज बहुत पार्टी करता है, हरभजन सिंह गंभीर नहीं है, नेहरा अभ्यास सत्र में नहीं आता। हमने सभी को साथ में लिया और बताया कि हम आज ये मुद्दा रखेंगे। हमन बात की ड्रेसिंग रूम में कि दादा (गांगुली) आप ये क्या बोल रहे हो पब्लिक में जाकर हमारे लिए। ये क्या-क्या छपा है। दादा ने कहा कि मैंने इस तरह की बात ही नहीं की।

उन्होंने आगे कहा, मैंने कहा कि अगर आपने बात नहीं की तो ये अखबार में कैसे छपा। हमने इस मामले में सचिन तेंदुलकर को भी लिया। मैंने कहा कि पाजी ये गलत बात है। मैंने कहा कि हम ऐसे नहीं खेलेंगे। मैंने फिर बैग उठाया और चल दिया, उधर से राहुल ने भी बोला कि दादा ये सही नहीं है। सचिन ने भी यही कहा। मैंने बैग उठाया, मैंने चलना शुरू किया, युवी ने भी ऐसा ही किया। दादा घबरा गए। जैसे ही हम रूम से बाहर निकले, दादा पीछे से आए और बोले कि भगवान कसम मैंने ऐसा नहीं किया है। अगर मैंने ऐसा कहा होगा तो क्रिकेट छोड़ दूंगा। मैंने फिर दादा से कहा कि सॉरी हम मजाक कर रहे थे, लेकिन हमारे सीनियर खिलाड़ी इतने अच्छे थे कि वे हमें छूट देते थे कि हम मजाक कर सकें। ये एक परिवार की तरह था।

ये भी पढ़ें: Amar Ujala Samwad: इस दिग्गज कप्तान की तरह बनना चाहते थे हरभजन सिंह, बताया क्रिकेट में करियर क्यों बनाया 

हरभजन से पूछा गया कि जब आप टीम में आए सौरव गांगुली कप्तान थे। गांगुली ने एक टीम बनाई। फिर आपने द्रविड़ के साथ खेला। फिर एमएस धोनी आए। इन कप्तानों के कैसे आंकते हैं? कैसी रही इनकी कप्तानी? इस पर इस पूर्व स्पिनर ने कहा, क्रिकेट इतना बड़ा स्पोर्ट्स है इस देश में, हम सब क्रिकेट की वजह से हैं और आप सब लोगों की वजह से हैं। आप लोग इस गेम को इतना देखते हो, इससे प्यार करते हो तभी तो यह खेल बढ़ता है। आज जब भी कोई मैच होता है और आप जुड़ते हो तो ये दिखाता है कि हम एक हैं। एकजुट हम प्रार्थना करते हैं कि भारत जीत जाए। वहां न तो कोई धर्म है, क्योंकि हर कोई भारत की जीत चाहता है। इसी तरह आम जिंदगी में भी अगर हम एक हो जाएं तो भारत तो जीतेगा ही। 

हरभजन ने मैच फिक्सिंग स्कैंडल का किया जिक्र
हरभजन ने कहा, अब मैं आपके सवाल पर आता हूं। क्रिकेट का वो दौर जो था वहां मैच फिक्सिंग वाला स्कैंडल हुआ। आप सभी निराश हुए कि क्रिकेट में ये सब होता है। लोगों को दोबारा मैदान में लाने के लिए आपको उनका भरोसा जीतना होगा और यह दिखाना होगा कि आप जीतोगे। कहां जीतोगे, जब आप अपने से बड़े पहलवान को हराओगे। जब हमने ऑस्ट्रेलिया को हराया तो लोगों को लगा कि हमारी टीम में दम है। ये वो वाली टीम नहीं है। कुछ व्यक्तिगत लोग थे जो गलत काम करके पैसे बनाना चाहते थे, लेकिन अगर इसे ठीक तरीके से खेलें तो इससे बढ़िया कुछ नहीं है। इसमें नाम शोहरात सबकुछ है। 
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हरभजन बोले- गांगुली ने टीम बनाई, धोनी ने उसे आगे बढ़ाया
उन्होंने कहा, जब देश के लिए खेलते हो तो पाक साफ रहकर खेलना है। अपनी जमीर को नहीं बेचना है। 2001 की वह सीरीज ने लोगों में यकीन जगाया कि यह टीम जीत सकती है। गांगुली ने वह टीम बनाई थी। धोनी ने इसे आगे बढ़ाया। आज 14 साल का लड़का वैभव सूर्यवंशी ने शतक लगाया, यह कितनी बड़ी बात है। आपने देखा या नहीं, स्टेडियम में वैभव का बैनर लिए एक लड़का बैठा था और उस पर लिखा था कि 2030 मैं आपका बैटिंग पार्टनर बनूंगा। वो कितना बड़ा ख्वाब देख रहा है। मैंने कहा न ख्वाब सच होते हैं और उनके होते हैं जो इसे देखते हैं। यह हर उस बच्चे के लिए है जो कुछ बड़ा करने का ख्वाब देखता है। जब वैभव किसी गांव से निकलकर खेल सकता है तो सिर्फ लगन होनी चाहिए और रास्ता होना चाहिए।

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